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Virat Kohli: 'नाकामी वापसी का रास्ता दिखाती है', शतक के बाद विराट कोहली का दिल जीतने वाला बयान

Thu, 14 May 2026 10:17 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, रायपुर

सार

विराट कोहली ने लगातार दो शून्य के बाद शानदार नाबाद शतक लगाकर आरसीबी को केकेआर पर छह विकेट से जीत दिलाई। मैच के बाद कोहली ने कहा कि असफलताएं बहुत जरूरी होती हैं, क्योंकि वही खिलाड़ी को वापसी का रास्ता दिखाती हैं। उन्होंने माना कि पिछले दो मैचों में रन नहीं बनने से वह परेशान थे, लेकिन दबाव ने उन्हें और मजबूत बनाया।
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विराट कोहली - फोटो : ANI
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विस्तार
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लगातार दो मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद विराट कोहली पर सवाल उठने लगे थे, लेकिन रायपुर में उन्होंने बल्ले से जवाब दिया। केकेआर के खिलाफ विराट ने नाबाद शतक लगाकर टीम को शानदार जीत दिलाई। इस जीत के साथ आरसीबी अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई। विराट ने आईपीएल का रिकॉर्ड नौवां शतक लगाया और एमएस धोनी और रोहित शर्मा को पीछे छोड़कर 279 मैचों के साथ आईपीएल में सबसे ज्यादा मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ी भी बन गए।
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'पिछले दो मैचों की नाकामी मुझे खा रही थी'
मैच के बाद विराट ने खुलकर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा, 'पिछले दो मैचों में मैं ज्यादा रन नहीं बना पाया था। यह बात मुझे अंदर ही अंदर खा रही थी, क्योंकि मुझे पता है कि मैं अच्छा खेल सकता हूं और गेंद को अच्छी तरह हिट कर रहा हूं।' उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन जब आप अपनी पारी को आगे नहीं बढ़ा पाते और टीम पर असर नहीं डाल पाते, तो यह परेशान करता है। इतने वर्षों से मेरा लक्ष्य यही रहा है कि खुद को बेहतर बनाऊं और टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूं।' विराट ने शतक लगाने से ठीक पहले यानी 98 के निजी स्कोर पर मैदान पर डांस किया था। उन्होंने कार्तिक त्यागी के 18वें ओवर में छक्का लगाकर जश्न मनाया था और खुद का आत्मविश्वास इस अंदाज में बढ़ाया था। इतना ही नहीं, उन्होंने दो डक के बाद जब इस मैच में अपना पहला रन बनाया था तो खुशी भी जाहिर की थी। 


'असफलताएं वापसी का मौका देती हैं'
कोहली ने कहा, 'दो मैच अगर आपके मुताबिक नहीं जाते तो थोड़ी घबराहट होती है, लेकिन वही आपकी मदद भी करती है। मेहनत बहुत लगती है, मगर इससे आपका खेल ऊपर जाता है। वे असफलताएं बहुत जरूरी होती हैं, क्योंकि वही आपको वापसी की जगह देती हैं।' उनका यह बयान बताता है कि बड़े खिलाड़ी हार से टूटते नहीं, बल्कि उससे सीखकर और मजबूत बनते हैं।

'दबाव एक विशेषाधिकार है'
विराट ने दबाव को लेकर भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, 'लोग कहते हैं दबाव एक विशेषाधिकार है, क्योंकि यह आपको विनम्र बनाए रखता है। अच्छा दबाव हमेशा आपके खेल को बेहतर करता है।' उन्होंने माना कि शतक के बाद ज्यादा जश्न नहीं मनाया, क्योंकि टीम के लिए अंक ज्यादा महत्वपूर्ण थे। दबाव आपको विनम्र बनाए रखता है, आपको फोकस में रखता है और आपको फिर से अभ्यास में कड़ी मेहनत करने के लिए मजबूर करता है। आप चीजों को हल्के में नहीं ले सकते। पेट में घबराहट महसूस होना, अच्छा दबाव हमेशा आपके खेल को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसलिए मैं नेट्स में ज्यादा मेहनत कर रहा था, ट्रेनिंग और कड़ी कर रहा था।'

बल्लेबाजी से प्यार ही सबसे बड़ी ताकत
कोहली ने कहा, 'मुझे बल्लेबाजी से प्यार है, यही मेरी सबसे गहरी भावना है। इस स्तर पर खेलना सम्मान की बात है। मैं मैदान पर अपना दिल और जान लगा देता हूं, क्योंकि एक दिन यह सब खत्म हो जाएगा।' उन्होंने आगे कहा, 'खेल आपको इंसान के रूप में बहुत कुछ सिखाता है। दबाव में प्रदर्शन करने से आपका चरित्र बनता है। इतने वर्षों बाद भी बल्ले के बीच में गेंद लगने की खुशी आज भी वैसी ही है।'
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कप्तान पाटीदार भी खुश
आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने कहा, 'बहुत अच्छा लग रहा है। टीम के हर खिलाड़ी ने अलग-अलग समय पर योगदान दिया है। हम एक समय में एक मैच पर ध्यान दे रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा, '10 ओवर के बाद जिस तरह हमने उनकी पारी पर नियंत्रण किया और उन्हें 192 पर रोका, वह हमारे लिए अच्छा संकेत है।' विराट कोहली की यह पारी सिर्फ शतक नहीं थी, बल्कि मानसिक मजबूती की मिसाल थी। लगातार दो नाकामियों के बाद जिस अंदाज में उन्होंने वापसी की, उसने फिर साबित कर दिया कि महान खिलाड़ी दबाव में ही सबसे ज्यादा चमकते हैं।
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