दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डुप्लेसिस ने एमएस धोनी की कप्तानी की सबसे खास खूबी का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि धोनी मैच से पहले बहुत ज्यादा योजना बनाने के बजाय मैदान पर परिस्थितियों को पढ़कर फैसले लेते हैं। डुप्लेसिस ने इसे धोनी का सुपरपावर बताया और कहा कि वह भी अपनी कप्तानी में इस खूबी को अपनाना चाहते हैं।
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डुप्लेसिस ने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी और खेल को समझने की क्षमता की जमकर तारीफ की है। चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) में धोनी के नेतृत्व में लंबे समय तक खेलने वाले डुप्लेसिस ने बताया कि आखिर कौन सी खासियत धोनी को दूसरे कप्तानों से अलग बनाती है। उन्होंने धोनी की इस खूबी को उनका सबसे बड़ा सुपरपावर बताया और कहा कि वह भी अपनी कप्तानी में इसे अपनाना चाहते हैं।
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डुप्लेसिस ने एक पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान आईपीएल में धोनी के साथ बिताए समय को याद किया। दक्षिण अफ्रीका के इस पूर्व कप्तान ने सीएसके के लिए नौ सत्रों तक खेला और इस दौरान टीम ने तीन आईपीएल खिताब जीते। 2022 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से जुड़ने से पहले डुप्लेसिस ने चेन्नई की सफलता में अहम भूमिका निभाई थी।
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मैदान पर फैसले लेना धोनी की सबसे बड़ी ताकत
डुप्लेसिस के मुताबिक, धोनी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह मैच से पहले जरूरत से ज्यादा योजनाएं बनाने के बजाय मैदान पर परिस्थितियों को समझकर फैसले लेना पसंद करते हैं। वह खेल की दिशा, खिलाड़ियों की स्थिति और मुकाबले में बदलते समीकरणों को तेजी से भांप लेते हैं। डुप्लेसिस ने कहा, 'इस खिलाड़ी को मैदान पर खेल की जबरदस्त समझ है। वह पहले से बहुत ज्यादा योजना बनाना पसंद नहीं करते और मैच के दौरान अपनी सहज समझ के आधार पर फैसले लेते हैं। यही उनका सुपरपावर था।'
उन्होंने आगे कहा, 'वह खेल और खिलाड़ियों को पढ़ लेते थे और इस दौरान असाधारण रूप से शांत रहते थे। जैसा कि सभी जानते हैं, वह बेहद संयमित स्वभाव के हैं। यह ऐसी खूबी है, जिसे मैं उनसे सीखकर अपनी कप्तानी में अपनाना चाहता हूं।' धोनी की कप्तानी में मुश्किल परिस्थितियों में शांत रहना और सही समय पर सही फैसला लेना उनकी पहचान रही है। डुप्लेसिस की यह टिप्पणी बताती है कि धोनी के साथ खेलने वाले खिलाड़ी उनकी नेतृत्व क्षमता से कितना कुछ सीखते हैं।
सीएसके के साथ जीते तीन आईपीएल खिताब
डुप्लेसिस ने आईपीएल में 154 मुकाबले खेले हैं और 4773 रन बनाए हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के साथ बिताए नौ सत्रों में उन्हें धोनी की कप्तानी को करीब से समझने का मौका मिला। इस दौरान टीम ने तीन बार आईपीएल खिताब जीता। धोनी की कप्तानी में खेलने का अनुभव डुप्लेसिस के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि उन्होंने खेल की रणनीति के साथ-साथ दबाव में फैसले लेने और खिलाड़ियों पर भरोसा करने की शैली को करीब से देखा। अब अपनी कप्तानी के अनुभव के आधार पर वह धोनी की इसी सहज निर्णय क्षमता को अपनाना चाहते हैं।
बॉल टैंपरिंग विवाद पर भी याद किया पुराना अनुभव
डुप्लेसिस ने इससे पहले 2018 के केपटाउन टेस्ट में हुए बॉल टैंपरिंग विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया साझा की थी। उन्होंने बताया कि जब ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ ने इस मामले की जिम्मेदारी ली, तो उन्हें अपने दो साल पुराने अनुभव की याद आई और उन्होंने स्मिथ के प्रति सहानुभूति जताई। डुप्लेसिस के मुताबिक, स्मिथ ने कहा था, 'मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं।' इस पर डुप्लेसिस और उनके साथियों की प्रतिक्रिया थी, 'आप जिम्मेदारी क्यों ले रहे हैं? आपने तो कुछ गलत नहीं किया।'
हालांकि, इस विवाद के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने स्मिथ पर एक टेस्ट का प्रतिबंध लगाया था। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने स्मिथ और डेविड वॉर्नर पर 12-12 महीने का प्रतिबंध लगाया, जबकि कैमरन बैनक्रॉफ्ट को नौ महीने के लिए निलंबित किया गया था। यह विवाद केपटाउन टेस्ट के दौरान बैनक्रॉफ्ट को सैंडपेपर से गेंद की स्थिति बदलने की कोशिश करते पकड़े जाने के बाद सामने आया था।