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Duleep Trophy: कौन हैं आबिद मुश्ताक? जडेजा को मानते हैं अपना आदर्श; दलीप ट्रॉफी में पांच विकेट लेकर मचाया धमाल

Tue, 25 Aug 2026 11:49 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दलीप ट्रॉफी में नॉर्थ जोन के बाएं हाथ के स्पिनर आबिद मुश्ताक ने वेस्ट जोन के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 25.4 ओवर में सिर्फ 39 रन देकर पांच विकेट लिए। रवींद्र जडेजा को अपना आदर्श मानने वाले मुश्ताक ने लंबे स्पेल में लगातार दबाव बनाए रखा। उनकी गेंदबाजी से नॉर्थ जोन ने पहली पारी में 64 रन की बढ़त हासिल की।
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आबिद - फोटो : Jiostar
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विस्तार
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दलीप ट्रॉफी में दूसरे दिन अगर किसी गेंदबाज ने अपनी गेंदों से बल्लेबाजों को सबसे ज्यादा परेशान किया तो वह जम्मू-कश्मीर के बाएं हाथ के स्पिनर आबिद मुश्ताक रहे। वेस्ट जोन के बल्लेबाजों के खिलाफ उन्होंने ऐसा स्पेल डाला, जिसमें रन बनाना तो दूर, उनके सामने टिके रहना भी मुश्किल नजर आया। करीब 26 ओवर तक गेंदबाजी करने के बावजूद मुश्ताक ने सिर्फ 39 रन खर्च किए और पांच विकेट अपने नाम किए। उनकी गेंदबाजी में खास बात सिर्फ विकेटों की संख्या नहीं थी, बल्कि लगातार एक ही जगह गेंद डालकर बल्लेबाजों पर बनाया गया दबाव था। यही अंदाज उनके आदर्श रवींद्र जडेजा की गेंदबाजी की याद दिलाता है।

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'शांत रहता हूं और असर बाद में दिखता है'
दिन का खेल खत्म होने के बाद जब आबिद से उनकी सफलता का राज पूछा गया तो उन्होंने अपने अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'मैं शांत चलता हूं, अंदर एक गुफा बनाता हूं। उसका असर बाहर रहता है और आखिर में दिखाई देता है।' उनकी बात का मतलब यही था कि वह मैदान पर शांत रहकर चीजों को गहराई से समझने और अपनी योजना पर टिके रहने की कोशिश करते हैं। हालांकि, उनकी गेंदबाजी में सिर्फ सोच नहीं बल्कि शानदार अमल भी देखने को मिला।वेस्ट जोन के बल्लेबाजों को उन्होंने शुरुआत से ही खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। बल्लेबाज कभी बड़ा शॉट खेलने की कोशिश करता तो मुश्ताक अगली ही गेंद पर अपनी लाइन और लेंथ से उसे फिर दबाव में डाल देते।

25.4 ओवर, 39 रन और पांच विकेट
मुश्ताक ने नॉर्थ जोन की ओर से कुल 25.4 ओवर गेंदबाजी की। इस दौरान उन्होंने महज 39 रन देकर पांच विकेट झटके। उनकी गेंदबाजी की बदौलत नॉर्थ जोन ने वेस्ट जोन को पहली पारी में 251 रन पर रोककर 64 रन की बढ़त हासिल की। उनका यह प्रदर्शन खास इसलिए भी है क्योंकि मैच की शुरुआत में परिस्थितियां स्पिन गेंदबाजों के लिए बहुत अनुकूल नहीं मानी जा रही थीं। आसमान में घने बादल थे और हवा में स्विंग के लिए मदद मौजूद थी। ऐसे में उम्मीद थी कि तेज गेंदबाजों को ज्यादा फायदा मिलेगा और स्पिन बल्लेबाजों को राहत देगी, लेकिन मुश्ताक ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया। उन्होंने नॉर्थ जोन के 65.4 ओवरों में से करीब 26 ओवर अकेले डाले और लगातार बल्लेबाजों को परेशान किया।


पृथ्वी शॉ को जिस गेंद पर किया आउट, वह खास थी
मुश्ताक के पांच विकेटों में पृथ्वी शॉ का विकेट सबसे खूबसूरत गेंदों में से एक रहा। उन्होंने गेंद को लेग स्टंप की लाइन से अंदर की ओर लाया। गेंद पिच होने के बाद बाहर की ओर घूमी और शॉ के बल्ले का किनारा पूरी तरह चकमा खा गया। गेंद ने ऑफ स्टंप उड़ा दिया। शिवालिक शर्मा का विकेट भी उनकी विविधता का उदाहरण था। बाएं हाथ के बल्लेबाज के खिलाफ वह राउंड द विकेट आए। आमतौर पर इस एंगल से गेंद के लेग स्टंप के बाहर पिच होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे एलबीडब्ल्यू का खतरा कम हो जाता है। लेकिन मुश्ताक की गेंद ऑफ स्टंप पर पड़ी और सीधी हो गई। उन्होंने बल्लेबाज को पूरी तरह मात दे दी।

मुशीर खान को भी नहीं दी खुलकर खेलने की छूट
मुश्ताक ने मुशीर खान को आउट तो नहीं किया, लेकिन उनकी बल्लेबाजी को पूरी तरह बांधकर रखा। मुशीर ने 126 गेंदों पर 31 रन बनाए। उन्होंने मुश्ताक के खिलाफ 52 गेंदों में सिर्फ 11 रन बनाए। मुशीर ने कई बार आगे निकलकर गेंदबाज पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन मुश्ताक अपनी जगह से हटे नहीं। उन्होंने कहा, 'चाहे मेरा यॉर्कर सही जगह पर लगे या नहीं, मैं अपनी लाइन पर गेंद डालता रहूंगा। बल्लेबाज स्वीप करने की कोशिश करे तब भी। मुझे लगता है कि मेरी गति पर बल्लेबाज के लिए मुझे स्वीप करना मुश्किल होता है।' यही जिद उनकी गेंदबाजी की सबसे बड़ी ताकत नजर आई। वह बल्लेबाज को अपनी योजना के मुताबिक खेलने के लिए मजबूर करते रहे।

जडेजा हैं आदर्श, उन्हीं से सीखा दबाव बनाना
आबिद मुश्ताक खुलकर रवींद्र जडेजा को अपना आदर्श मानते हैं। लंबे स्पेल में लगातार एक ही क्षेत्र में गेंद डालना, बल्लेबाज को रन बनाने का मौका नहीं देना और फिर उसी दबाव से विकेट निकालना—मुश्ताक के प्रदर्शन में जडेजा की झलक साफ नजर आई। दिलचस्प बात यह है कि 2023 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान ऑस्ट्रेलिया ने मुश्ताक को भारत में नेट गेंदबाज के तौर पर भी अपने साथ जोड़ा था। उनका काम जडेजा जैसी सटीक गेंदबाजी का सामना करने के लिए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को अभ्यास कराना था।

कौन हैं आबिद मुश्ताक?
आबिद मुश्ताक जम्मू-कश्मीर के बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज हैं, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी किफायती और विकेट लेने वाली गेंदबाजी से पहचान बनाई है। वह खासतौर पर मुश्किल परिस्थितियों में लंबे स्पेल डालने के लिए जाने जाते हैं। 2023-24 रणजी ट्रॉफी में उन्होंने पुडुचेरी के खिलाफ सिर्फ 87 रन का लक्ष्य बचाने में अहम भूमिका निभाते हुए 10 विकेट झटके थे। इसके अलावा उन्होंने तत्कालीन गत चैंपियन विदर्भ के खिलाफ 8 विकेट पर 18 रन की शानदार गेंदबाजी की थी। उनके प्रथम श्रेणी रिकॉर्ड में कई ऐसे स्पेल हैं, जिनमें उन्होंने बेहद कम इकॉनमी रेट के साथ बड़ी संख्या में विकेट हासिल किए हैं।
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गलतियों से वापसी और जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक सफलता
2025 में केरल के खिलाफ एक मैच में मुश्ताक से ऐसा कैच छूट गया था, जिसकी कीमत जम्मू-कश्मीर को चुकानी पड़ी। वह मुकाबला सिर्फ एक रन के अंतर से तय हुआ और टीम पहली बार रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में पहुंचने से रह गई। लेकिन मुश्ताक ने उस निराशा से वापसी की। इसके बाद वह जम्मू-कश्मीर की पहली रणजी ट्रॉफी खिताब जीतने वाली टीम का हिस्सा बने। उनका कहना है कि मुश्किल परिस्थितियों में प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास उन्हें अपने कोचों, खासकर गेंदबाजी कोच पी. कृष्ण कुमार के समर्थन और पिछले प्रदर्शनों से मिला है।

मुश्ताक को लाल मिट्टी वाली पिचें भी पसंद हैं। जम्मू-कश्मीर में आमतौर पर काली मिट्टी और हरी मैटिंग वाली पिचें मिलती हैं। इसलिए जब उन्हें लाल मिट्टी वाली पिच पर गेंदबाजी करने का मौका मिलता है तो वह इसे लेकर बेहद उत्साहित होते हैं। दलीप ट्रॉफी में वेस्ट जोन के खिलाफ उनका यह स्पेल उसी आत्मविश्वास और निरंतरता का नया उदाहरण है। नॉर्थ जोन के पास 64 रन की बढ़त है और दूसरी पारी में यह बढ़त और बड़ी हो सकती है। ऐसे में मुश्ताक के लिए आगे भी गेंद से मैच का रुख तय करने का अच्छा मौका है।
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