IPL अच्छा नहीं रहा, पर अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड है दमदार
आमतौर पर एक अच्छा आईपीएल सीजन खिलाड़ियों को टी20 प्रारूप में भारतीय टीम का टिकट दिला देता है, लेकिन रवि बिश्नोई के लिए हालिया आईपीएल कुछ खास नहीं रहा था। टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में उन्हें बेंच पर बैठना पड़ा था और उनकी जगह नए खिलाड़ी यश राज पुंजा को मौका दिया गया था। इसके बावजूद, बिश्नोई का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड काफी शानदार रहा है। उन्होंने अब तक 44 मैचों में 7.40 की बेहतरीन इकोनॉमी रेट से 64 विकेट चटकाए हैं। वह आईसीसी (ICC) टी20 रैंकिंग में नंबर एक गेंदबाज भी रह चुके हैं।
न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में बिश्नोई ने साफ किया कि वह साल 2028 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे। भारतीय टीम प्रबंधन नए कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में आयरलैंड सीरीज से नए खिलाड़ियों और संयोजनों को आजमाने जा रहा है। टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर हैं। चूंकि भारतीय टीम अभी वनडे सीरीज खेल रही है, इसलिए बिश्नोई ने अभी तक श्रेयस और गंभीर से बात नहीं की है, लेकिन उनके दिमाग में अपनी भूमिका को लेकर पूरी स्पष्टता है।
वर्ल्ड कप चूकना निराशाजनक था, पर आगे बढ़ना जरूरी
बिश्नोई ने भारत के लिए अपना आखिरी मैच इसी साल जनवरी में खेला था, जिसके बाद वे घरेलू सरजमीं पर हुए वर्ल्ड कप की बस पकड़ने से चूक गए थे। लगातार तीन वर्ल्ड कप में विचार न किए जाने पर उन्होंने कहा कि उनके पास घर पर अपने कोच शाह रुख भाई के साथ अपनी कला पर काम करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था।
बिश्नोई ने कहा "वर्ल्ड कप में खेलना और उसे जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है। यह मेरा भी सपना है। भले ही मैं पिछले वर्ल्ड कप चूक गया, लेकिन मेरे पास आगे और भी मौके हैं। इसलिए मैं इस बार कोई मौका नहीं छोड़ना चाहता और इसे यादगार बनाना चाहता हूं।"