विजय हजारे ट्रॉफी में जबरदस्त फॉर्म में चल रहे भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने मौजूदा सीजन में 600 से ज्यादा रन बना लिए हैं। घरेलू वनडे क्रिकेट में उनकी निरंतरता और तकनीकी मजबूती साफ नजर आ रही है। बावजूद इसके, न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में उन्हें जगह नहीं मिली, जिस पर अब उन्होंने खुलकर प्रतिक्रिया दी है।
चयन नहीं होने पर क्या बोले पडिक्कल?
न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर रहने पर पडिक्कल ने निराशा जताने के बजाय संतुलित और परिपक्व सोच दिखाई। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा, 'मैं यह नहीं कहूंगा कि यह निराशाजनक था। हां, मैं चयन को लेकर देख रहा था कि क्या होता है, लेकिन साथ ही मैं यह भी समझता हूं कि इस समय लाइन में बहुत सारे बल्लेबाज हैं और सभी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में वनडे टीम में जगह बनाना आसान नहीं है।' उन्होंने कहा, 'एक क्रिकेटर के तौर पर आपको इन चीजों को स्वीकार करना पड़ता है। आपको बस अपना काम करते रहना होता है और लगातार रन बनाते रहना होता है।'
टी20 क्रिकेट के लिए बदली अपनी सोच
पडिक्कल ने स्वीकार किया कि उनका क्रिकेट टेस्ट क्रिकेट की सोच के साथ विकसित हुआ था, लेकिन आईपीएल ने उन्हें अपनी बल्लेबाजी में बदलाव करने के लिए मजबूर किया। पडिक्कल ने कहा, 'मैं टेस्ट क्रिकेट खेलने की सोच के साथ बड़ा हुआ हूं, इसलिए मेरा खेल एक खास तरीके से ढला हुआ था। जब टी20 क्रिकेट के मौजूदा अंदाज के हिसाब से खुद को ढालना पड़ा, तो यह निश्चित रूप से चुनौतीपूर्ण था।'
आरसीबी कोचिंग स्टाफ को दिया श्रेय
उन्होंने अपनी टी20 बल्लेबाजी में सुधार का श्रेय रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कोचिंग स्टाफ को दिया। पडिक्कल ने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो इसका पूरा श्रेय डीके (दिनेश कार्तिक) और एंडी (फ्लावर) को जाता है। उन्होंने मुझे समझाया कि मैं टी20 फॉर्मेट में अपने खेल को कैसे अधिकतम कर सकता हूं।'
वनडे फॉर्मेट में खुद को बताया सहज
वनडे क्रिकेट को लेकर पडिक्कल ने कहा कि इस फॉर्मेट में उन्हें अपनी लय जल्दी मिल गई। उन्होंने कहा, 'वनडे क्रिकेट में सब कुछ टेंपो और पैटर्न पर निर्भर करता है। खुशकिस्मती से मुझे यह अपने 50 ओवर करियर की शुरुआत में ही समझ आ गया।' उन्होंने अपनी रणनीति बताते हुए कहा, 'मेरे लिए यह काफी सीधा है। नई गेंद को संभालना, फिर गेंदबाजों पर दबाव बनाना और स्थिति के अनुसार खेलना।'