कमजोरी: गेंदबाजी और धोनी का रोल चिंता
चेन्नई की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी गेंदबाजी मानी जा रही है। टीम में अनुभव की कमी है और कई खिलाड़ी चोट से जूझते रहे हैं। खलील अहमद और मैट हेनरी नई गेंद से अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन डेथ ओवर्स में टीम के पास सीमित विकल्प हैं। टीम के पास नाथन एलिस के रूप में विकल्प था, लेकिन एलिस चोट की वजह से सीजन से बाहर हो गए। ऐसे में हेनरी और खलील के साथ ही जाना पड़ सकता है। अंशुल कंबोज तीसरे पेस गेंदबाज हो सकते हैं।
अगर सीएसके अगर पहले बल्लेबाजी करता है तो अंशुल को खलील पर तरजीह दी जा सकती है और शुरुआती प्लेइंग-11 में शामिल किया जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि वह बल्लेबाजी भी लेते हैं। खलील को इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर लाया जा सकता है। वहीं, अगर सीएसके की पहले गेंदबाजी आती है तो किसी एक बल्लेबाज को बैठाकर अंशुल और खलील दोनों को मौका दिया जा सकता है।
इसके अलावा, धोनी का बल्लेबाजी क्रम भी बड़ा सवाल बना हुआ है। पिछले कुछ सीजनों में वह केवल फिनिशर की भूमिका निभा रहे हैं और ज्यादा देर तक बल्लेबाजी नहीं करते। ऐसे में अगर जल्दी विकेट गिरते हैं तो टीम दबाव में आ सकती है। जिस तरह की बल्लेबाजी लाइन अप सीएसके के पास है, वैसे में धोनी का बल्लेबाजी क्रम तय नहीं है। वह आठवें नंबर पर आते दिख रहे हैं।
एक और जो समस्या सीएसके के पास है, वह है चार विदेशी खिलाड़ियों को खिलाने की। एलिस चोटिल हैं। ऐसे में हेनरी, नूर और ब्रेविस का खेलना तय है। अब सीएसके के पास कई भारतीय टैलेंट हैं। ऐसे में किसी चौथे विदेशी की जगह बनती नहीं दिख रही है। अन्य जो विकल्प हैं, उनमें अकील हुसैन, जैक फॉक्स, मैट शॉर्ट (शुरुआती कुछ मैचों में नहीं खेलेंगे) और जेमी ओवरटन शामिल हैं। चेन्नई को शुरुआती लेग में चार में से दो मैच चेन्नई में और एक-एक मैच गुवाहाटी और बंगलूरू में खेलने हैं। ऐसे में चेन्नई लेग के लिए टीम तीन स्पिनर्स के साथ उतर सकती है। नूर-वीर के अलावा टीम राहुल चाहर और श्रेयस गोपाल में से किसी एक को मौका दे सकती है। हेनरी को इस स्थिति में बाहर बिठाया जा सकता है।
अवसर: युवाओं के लिए बड़ा मंच
चेन्नई के लिए हमेशा से खिलाड़ियों को नया जीवन देने के लिए जानी जाती है। राहुल चाहर के पास खुद को साबित करने का अच्छा मौका है। इसके अलावा प्रशांत वीर और कार्तिक शर्मा जैसे युवा खिलाड़ी इस सीजन में अपनी पहचान बना सकते हैं। इन दोनों को सीएसके ने 14.2 करोड़ की भारी भरकम राशि देकर अपनी टीम में शामिल किया है। अगर ये खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो टीम का भविष्य काफी मजबूत हो सकता है।
खतरा: चोट और अनुभव की कमी
सीएसके के लिए सबसे बड़ा खतरा चोटें हैं। पिछले कुछ सीजनों में टीम को इस समस्या से जूझना पड़ा है और इस बार भी कई खिलाड़ी फिटनेस के लिहाज से जोखिम में हैं। साथ ही, टीम ने कुछ खिलाड़ियों पर बड़ा दांव खेला है, जिनका अनुभव सीमित है। अगर ये खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करते, तो टीम को नुकसान उठाना पड़ सकता है। म्हात्रे हाल फिलहाल में अच्छी फॉर्म में नहीं दिखे हैं। साथ ही टीम बिल्कुल नई है और ऐसे में शुरुआती कुछ मैचों में सही प्लेइंग-11 चुनना भी एक बड़ी चुनौती होगी। टीम में पावर हिटर्स की भरमार है। कोई एक गलत फैसला, टीम को नुकसान पहुंचा सकती है।