क्रिकेट जगत में उलटफेर में माहिर जिम्बाब्वे टीम की छह साल बाद आईसीसी टेस्ट टीम की रैंकिंग में वापसी हो रही है।
मई 2007 के बाद जिम्बाब्वे पहली बार आईसीसी रैंकिंग में दिखेगा। जिम्बाब्वे जनवरी 2006 से टेस्ट क्रिकेट से हट गया था, लेकिन पांच साल बाद उसने अगस्त 2011 में टेस्ट में वापसी की।
दो साल से टेस्ट क्रिकेट में वापसी के बावजूद तब से वह गैररैंकिंग वाली टीम रही क्योंकि रैंकिंग तालिका में शामिल होने के लिए कम से कम उसे आठ क्वालीफाइंग टेस्ट खेलने जरूरी थे।
जिम्बाब्वे मंगलवार से पाकिस्तान के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने उतरेगा। पहला मैच खेलने के साथ ही उसके आठ टेस्ट मैच हो जाएंगे और वह रैंकिंग में जगह पा लेगा।
चौथे नंबर पर काबिज पाकिस्तानी टीम के खिलाफ दो मैचों की सीरीज के बाद वह रैंकिंग में नौवें पायदान पर होगा।
पाकिस्तान अगर सीरीज 1-0 से जीतता है तो पाक टीम को रैंकिंग में कोई फायदा नहीं मिलेगा, लेकिन वह चौथे नंबर पर बनी रहेगी। अगर पाक टीम दोनों मैच जीत लेती है तो उसे दो अंक मिलेंगे।
खिलाड़ी पहला टेस्ट खेलने को तैयार
वेतन भुगतान को लेकर पहले टेस्ट मैच का बहिष्कार करने वाले जिम्बाब्वे के क्रिकेटरों ने अब पहला मैच खेलने का मन बना लिया है।
जिम्बाब्वे बोर्ड ने सोमवार को खिलाड़ियों का आश्वस्त किया था कि दूसरे टेस्ट से पहले पैसा उनके खाते में पहुंच जाएगा।
टीम के कप्तान ब्रेंडन टेलर के अनुसार, जिम्बाब्वे बोर्ड के शब्दों में वे दूसरे टेस्ट से पहले भुगतान कर देंगे। हालांकि कप्तान टेलर के पहले मैच में खेलने की संभावना कम है क्योंकि वह जल्द ही पिता बनने वाले हैं और वह पितृत्व अवकाश पर ले सकते हैं।