टेस्ट क्रिकेट में यह जॉनाथन कैंपबेल का डेब्यू मैच भी है और डेब्यू पर ही वह राष्ट्रीय टीम की कमान संभाल रहे हैं। घरेलू स्तर पर कैंपबेल का फॉर्म शानदार रहा है और उनके पास कप्तानी का अनुभव भी है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका प्रदर्शन कैसा होगा, यह देखने वाली बात होगी। कैंपबेल डेव हॉटन के बाद टेस्ट डेब्यू पर टीम की कप्तानी करने वाले जिम्बाब्वे के दूसरे क्रिकेटर बने। हॉटन ने 1992 में हरारे में भारत के खिलाफ देश के पहले टेस्ट में टीम का नेतृत्व किया था।
कैंपबेल पिछले 50 वर्षों में टेस्ट डेब्यू पर कप्तानी करने वाले केवल तीसरे खिलाड़ी बने। इस लिस्ट में देश के पहले टेस्ट मैच में कप्तानी करने वाले खिलाड़ी शामिल नहीं हैं। 2024 में नील ब्रांड ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने डेब्यू पर दक्षिण अफ्रीका की टीम की कप्तानी की थी।
- ली जर्मन (न्यूजीलैंड बनाम भारत) - 1995
- नील ब्रांड (दक्षिण अफ्रीका बनाम न्यूजीलैंड) - 2024
- जॉनाथन कैंपबेल (जिम्बाब्वे बनाम आयरलैंड) - 2025
21वीं सदी में केवल पांच खिलाड़ियों ने अपने डेब्यू पर टेस्ट टीमों का नेतृत्व किया है। अन्य तीन नैमूर रहमान (2000 में बांग्लादेश), विलियम पोर्टरफील्ड (2018 में आयरलैंड) और असगर अफगान (2018 में अफगानिस्तान) हैं। जॉनाथन कैंपबेल ने अपने टेस्ट डेब्यू से पहले 34 प्रथम श्रेणी मैच खेले थे, जिसमें चार शतकों की मदद से 1,913 रन बनाए थे। लेग स्पिन करते हुए उन्होंने 42 विकेट लिए थे।
कैंपबेल ने मई 20 में बांग्लादेश के खिलाफ चटोग्राम में टी20 में डेब्यू किया था, जिसमें उन्होंने 24 गेंदों में 45 रन बनाए। उन्होंने नौ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 123 रन बनाए हैं। उनके पास एक ठोस लिस्ट ए रिकॉर्ड भी है, जिसमें 45 मैचों में 40 की औसत से 1372 रन हैं। जॉनाथन के पिता एलिस्टेयर ने जिम्बाब्वे के लिए 60 टेस्ट और 188 वनडे मैच खेले और आठ हजार से अधिक रन बनाए।