आखिरकार 6 साल के लंबे इंतजार के बाद पाकिस्तान की सरजमीं पर किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने अपने कदम रख दिए हैं।
मार्च, 2009 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब टेस्ट क्रिकेट खेलने वाली कोई विदेशी क्रिकेट टीम पाक में क्रिकेट मैच खेलने पहुंची है। 6 साल के बाद पाकिस्तान की धरती पर जिस टीम ने कदम रखा है वो है जिम्बाब्वे।
जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम मंगलवार को लाहौर में अल्लामा इकबाल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तड़के पौने दो बजे पहुंची। जिम्बाब्वे की टीम लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान से दो ट्वंटी-20 और 3 वनडे मैच खेलेगी। एक जून को स्वदेश रवाना होने से पहले 22 मई से 31 मई तक खेला जाएगा।
पहले ऐसी खबर थी कि पाकिस्तान में बुधवार को आतंकी हमले के बाद अगले दिन जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम ने अपना तय दौरा रद्द कर दिया है। कराची में बुधवार को आतंकी हमले में 46 लोगों की हत्या कर दी गई थी। हालांकि इसके बाद पाक ने विदेश मंत्रालय के जरिए जिम्बाब्वे बोर्ड को दौरे के लिए फिर से राजी किया।
जिम्बाब्वे कोच वाटमोर से कहा वह दौरे का समर्थन करें। वाटमोर 2012 से 2014 तक पाकिस्तान के कोच रहे और उन्होंने लाहौर में काफी समय बिताया है।
साथ ही पाक सरकार ने वादा किया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल और मानक बेहद उच्च स्तर के होंगे। दस मिलियन डॉलर तो सुरक्षा और खिलाड़ियों पर ही खर्च कर देंगे।
हजारों सुरक्षाकर्मियों के बीच लाहौर उतरी अफ्रीकी टीम
यह अफ्रीकी टीम जब पाकिस्तान की धरती पर उतरी तो सुरक्षा के जबर्दस्त इंतजाम था। टीम लाहौर के मॉल रोड के जिस पांच सितारा होटल में ठहरने वाली थी एयरपोर्ट से 14 किमी की दूरी पर स्थित इस होटल के दोनों छोर पर सैकडों सुरक्षकर्मी तैनात थे।
मेहमान टीम में 16 खिलाड़ी हैं जबकि 9 अधिकारी और 5 बोर्ड से जुड़े अफसर भी हैं।
टीम की अगवानी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के शीर्ष अधिकारियों के अलावा राज्य के दो मंत्रियों ने भी की। इसके बाद टीम की सुरक्षा में सैकडों की संख्या में पुलिस कमांडोज तैनात कर दिए गए।
मॉल रोड की तरफ जाने वाली सड़क को यातायात के लिए बंद कर दिया गया। इसके अलावा इस रुट पर पेट्रोल स्टेशंस को बंद करवा दिया गया था। यहां तक की पुलिस के वाहनों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी।
तो पूरा हुआ पाकिस्तान बोर्ड का सपना
3 मार्च, 2009 को श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हुए आतंकी हमलों के बाद से किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय टीम ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है। श्रीलंका की टीम पर हमला उस समय हुआ जब तत्कालीन टेस्ट सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन टीम जब होटल से स्टेडियम की ओर रवाना होने जा रही थी।
इस हमले में 8 लोग मारे गए थे, साथ ही कुछ श्रीलंकाई खिलाड़ी भी चोटिल हो गए थे। इस हादसे के बाद क्षेत्र में राजनीतिक अस्थिरता फैल गई। पंजाब सरकार को बर्खास्त कर दिया गया और उनकी जगह राज्य में राज्यपाल शासन लगा दिया गया।
इस हमले के बाद किसी विदेशी टीम ने पाकिस्तान का दौरा करने से मना कर दिया। इस कारण पाक को अपने घरेलू मैच संयुक्त अरब अमीरात में खेलने पड़े। पाकिस्तान ने 2013 में वेस्टइंडीज-ए टीम को अपने देश मैच खेलने के लिए बुलाया था लेकिन कैरेबियाई बोर्ड ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। साथ ही यूएई में मैच कराने का प्रस्ताव दिया जिसे पीसीबी ने नहीं माना।
अफगानिस्तान जिसे आईसीसी की ओर से एसोसिएट देश का दर्जा हासिल है की टीम ने कई बार पाक का दौरा किया लेकिन यह मुकाबला बेहद छोटे स्तर का रहा था।
पाक में हो रहे लगातार आतंकी हमलों के बीच पीसीबी ने पिछले साल आयरलैंड क्रिकेट से भी दौरे के लिए बात की लेकिन बात नहीं बनी थी।
2011 के वर्ल्ड कप में भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका के साथ पाकिस्तान भी मेजबान था लेकिन सुरक्षा कारणों के कारण पाकिस्तान को मेजबानी गंवानी पड़ी थी।
वहीं मुंबई पर 2008 में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट रिश्ते तोड़ लिए हैं।