आईसीसी वर्ल्ड कप क्वालिफायर में खराब प्रदर्शन के कारण जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने टीम के कप्तान ग्रीम क्रेमर के सहित पूरे कोचिंग स्टाफ को निलंबित करके क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। बता दें कि जिम्बाब्वे वर्ल्ड कप क्वालिफाइर में यूएई के हाथों हारकर वर्ल्ड कप 2019 से बाहर हो गया था, जिसके बाद बोर्ड के अधिकारी पूरी टीम और कोचिंग स्टाफ से नाराज थे।
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ESPNCRINFO में इस बात की जानकारी दी है कि बोर्ड ने इन सभी को शुक्रवार दोपहर तीन बजे तक अपनी इस्तीफा मेल करने को कहा था लेकिन इनमें से किसी ने भी ऐसा नहीं किया, जिसके बाद इन सभी को निलंबित करने की घोषणा कर दी।
कोचिंग स्टाफ में मुख्य कोच हीथ स्ट्रीक, बल्लेबाजी कोच लांस क्लूजनर, गेंदबाजी कोच डग्लस होंडो, फील्डिंग कोच वाल्टर चावागुटा, फिटनेस कोच सीन बेल और टीम एनालिस्ट स्टानले चिओजा शामिल थे। इनके असाला अंडर-19 टीम के कोच स्टीफन मागोगो और मुख्य चयनकर्ता टटेंडा टायबू पर भी गाज गिरी है और इन्हें भी इनके पद से मुक्त कर दिया गया है।
बोर्ड के इस फैसले से आहात होकर हीथ स्ट्रीक ने कहा कि एक पूर्व खिलाड़ी और कोच होने के नाते मैंने जिम्बाब्वे क्रिकेट को जो दिया उसके बदले एक ई-मेल भेजकर आपको हटा दिया जाता है, मुझे कभी भी ऐसी उम्मीद नहीं थी।
उन्होंने कहा कि मैं इस बात को जानता हूं कि हर कोच का कार्यकाल समाप्त होता है, लेकिन ऐसे नहीं। कम से कम हमें हमारी बात रखने का मौका तो मिला होता। मैं टीम को 2020 टी20 वर्ल्ड कप में ले जाने पर काम कर रहा था।