जिंबाब्वे क्रिकेट बोर्ड को सरकारी संस्था द्वारा फिर से बहाल कर दिया है, लेकिन बाहरी हस्तक्षेप के कारण देश पर आईसीसी की ओ से लगाया गया निलंबन जारी रहेगा।
सरकार द्वारा नियुक्त खेल और मनोरंजन आयोग के साथ अदालती निपटारे के बाद चेयरमैन तावेंग्वा मुकुहलानी के नेतृत्व में जिंबाब्वे क्रिकेट को काम करने की अनुमति मिल गई। खेल और मनोरंजन आयोग ने जून में भ्रष्टाचार और चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए पूरे बोर्ड को भंग कर दिया था।
इससे आईसीसी ने सरकारी हस्तक्षेप के बाद जिंबाब्वे को अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से प्रतिबंधित कर दिया था। आईसीसी ने कहा कि वह जिंबाब्वे के निलंबन को हटाने पर विचार अक्तूबर में होने वाली बैठक में करेगा। जिंबाब्वे के कई क्रिकेटरों ने बोर्ड को निलंबित करने पर ऐतराज जताया था।