जिम्बाब्वे ने एक ही दौरे में पाकिस्तान जैसी दिग्गज क्रिकेट टीम को दो बार हराने का कारनामा कर दिखाया है।
दूसरे टेस्ट मैच के अंतिम दिन जिम्बाब्वे ने तेज गेंदबाज तेंदेई चतारा (5/61) की धारदार गेंदबाजी के दम पर पाकिस्तान की दूसरी पारी 239 रनों पर समेटते हुए 24 रन से यादगार जीत हासिल कर ली।
मेजबान जिम्बाब्वे ने इससे पहले 1998 में पाकिस्तान को टेस्ट मैच में हराया था। इस जीत के साथ ही जिम्बाब्वे दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-1 से बराबरी पर खत्म करने में सफल रहा। पहला मैच पाकिस्तान ने जीता था।
मिस्बाह की अगुवाई वाली पाकिस्तान जैसी दिग्गज टीम के लिए यह दौरा बेहद निराशाजनक रहा। इस दौरे में उसे दो बार हार का मुंह देखना पड़ा। जिम्बाब्वे ने इसी दौरे में 27 अगस्त को वनडे सीरीज के दौरान एक मैच में हराया था।
हालांकि वापसी करते हुए पाक टीम ने वनडे और टी-20 सीरीज अपने नाम कर लिया था।
शनिवार को मैच के पांचवें दिन पाक की शुरुआत अच्छी नहीं रही और चतारा ने अपनी तीसरी सफलता हासिल करते हुए जल्द ही पाक का छठा विकेट गिरा दिया।
चतारा ने आज अदनान अकमल (20), सईद अजमल (2) और जुनैद खान (1) के विकेट झटककर पारी में पांच विकेट पूरे किए।
हालांकि पाक के कप्तान मिस्बाह उल हक (79) ने एक छोर संभालकर पाक टीम की उम्मीदों का बनाए रखा। लेकिन दूसरे छोर पर उसे निराशा हाथ लगी।
पांचवें दिन लंच के बाद एक रन चुराने को लेकर हुई गफलत में राहत अली (1) के रन आउट होते ही मेजबान टीम ने शानदार जीत अपने नाम कर ली।
मेजबान जिम्बाब्वे ने मैच के चौथे दिन ही स्टंप के समय पाकिस्तान के 133 रन पर पांच विकेट झटक लिए थे।