पिछले कुछ समय से लाजवाब प्रदर्शन कर वनडे क्रिकेट में नंबर वन पायदान पर काबिज होने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का समय इस समय अच्छा नहीं चल रहा है।
त्रिकोणीय वनडे सीरीज में एक मुकाबले में 328 रनों का लक्ष्य देने के बाद दक्षिण अफ्रीका के हाथों मैच गंवाने वाली ऑस्ट्रेलियाई को अगले मैच में दोहरा तगड़ा झटका लगा है।
हरारे में खेले जा रहे सीरीज के एक मुकाबले में वर्ल्ड नंबर वन कंगारुओं को अपने से कहीं नीचे 10वें नंबर की टीम से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में मिली हार के अलावा ऑस्ट्रेलिया को एक और जोर का झटका लगा है।
हार से पहले ही ऑस्ट्रेलिया को लगा पहला झटका
त्रिकोणीय सीरीज के चौथे मुकाबले में मेजबान जिंबाब्वे ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम को 12 गेंद शेष रहते 3 विकेट से हरा दिया है।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। ऐरोन फिंच (11) और फिल ह्यूज (10) पारी की शुरुआत करने उतरे। लेकिन 38 रन तक पहुंचते-पहुंचते दोनों ओपनर पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान माइकल क्लार्क (नाबाद 68) ने एक छोर संभाले रखा और टीम को सम्मानजनक स्कोर की नींव रख दी।
हालांकि क्लार्क के संघर्ष के बावजूद दूसरे छोर से उन्हें बड़ी साझेदारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। जॉर्ज बैली (1), ग्लेन मैक्सवेल (13) और मिचेल मार्श (15) क्लार्क को बड़ी साझेदारी देने में नाकाम रहे। विकेटकीपर ब्रैड हैडिन (49) ने पांचवें विकेट के लिए क्लार्क के साथ 50 रनों की साझेदारी की।
इस बीच ऑस्ट्रेलियाई टीम को बड़ा झटका उस समय लगा जब कप्तान क्लार्क को दोबारा चोटिल होने के कारण स्वदेश लौटना पड़ा। क्लार्क हैमस्ट्रिंग के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बाद इसी मैच से मैदान पर लौटे थे, लेकिन उनकी चोट फिर उभर गई और मैदान से बाहर होना पड़ा। वह रिटायर्ड हर्ट हुए लेकिन वह नॉटआउट रहे। ऑस्ट्रेलिया किसी तरह 50 ओवर में 9 विकेट पर 209 रन बनाने में सफल रहा।
आठवें विकेट की साझेदारी के आगे हारे कंगारू
चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए मेजबान टीम ने सधी शुरुआत की। एल्टन चिगुम्बरा के नाबाद 52 रन की बदौलत जिंबाब्वे ने त्रिकोणीय वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को 3 विकेट से हराकर 31 साल बाद जीत दर्ज की।
बेहद रोमांचक मैच में जिम्बाब्वे का स्कोर एक समय 3 विकेट पर 100 रन था लेकिन बाद में 156 रनों पर उसके 6 विकेट गिर गए। मेजबान टीम पर हार का संकट मंडराने लगा था, लेकिन उसके लिए चिगुम्बरा और प्रॉस्पर उत्सेया (नाबाद 30) ने आठवें विकेट के लिए 55 रन की नाबाद साझेदारी कर हार को जीत में बदलकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिला दी। इसके अलावा ब्रेंडन टेलर ने भी 32 रनों का योगदान दिया।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से नाथन ल्योन ने करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए 44 रन देकर 4 विकेट लिए।
30वीं भिड़ंत में जिंबाब्वे को मिली दूसरी जीत
दुनिया की नंबर एक टीम ऑस्ट्रेलिया पर जिंबाब्वे ने इससे पहले 1983 वर्ल्ड कप में जीत दर्ज की थी जो दोनों देशों के बीच पहला मुकाबला भी था। जिंबाब्वे और ऑस्ट्रेलिया की वनडे क्रिकेट में यह 30वीं भिड़ंत थी, जिसमें अफ्रीकी टीम ने बाजी मार ली।
जिंबाब्वे को वनडे में ऑस्ट्रेलिया को हराने में कुल 11,406 दिनों का इंतजार करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया का पहले बल्लेबाजी करते हुए जिंबाब्वे के खिलाफ यह सबसे छोटा स्कोर था जिसे वह बचा नहीं पाए। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया का न्यूनतम स्कोर 225 रन था।
ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच में बेहद धीमी बल्लेबाजी की। अपनी पारी में 40 ओवर तक कंगारू सिर्फ 133 रन ही जोड़ सके थे। यह 2000 के बाद जिंबाब्वे के खिलाफ किसी टीम का दूसरा सबसे छोटा स्कोर है।