भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी इस सीरीज में विस्फोटक बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल को हरियाणा के लेग स्पिनर यजुवेंद्र चहल लगातार अपना शिकार बना रहे हैं। चहल ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मैक्सवेल को आउट करने का तरीका मैंने खोज लिया है। चहल ने अब तक सीरीज में खेले तीन वनडे मैचों में सभी में मैक्सवेल को अपना शिकार बनाया है। कोलकाता और इंदौर में चहल और धोनी की जुगलबंदी मैक्सवेल पर भारी पड़ गई और दोनों ही बार वो स्टंपिंग होकर पवेलियन लौटे।
उन्होंने कहा कि मैक्सवेल को ऑफ स्टांप के बाहर गेंद फेंकने पर वह इसे सही ढंग से नहीं खेल पाते हैं। चहल ने तीनों वनडे में ऑफ स्टांप के बाहर गेंद फेंककर मैक्सवेल को आउट किया है। उन्होंने कहा कि मेरी योजना मैक्सवेल को ऑफ स्टांप के बाहर गेंद फेंकने की होती है। इस दौरान मैं गेंद की गति में परिवर्तन करता हूं। उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि अगर मैंने दो-तीन डॉट बॉल फेंक दिए तो वह क्रीज से बाहर आकर आक्रामक शॉट खेलते हैं।
मैक्सवेल के अलावा खराब फॉर्म में चल रहे डेवि़ड वार्नर टीम इंडिया के लिए खतरा बने रहेंगे। वार्नर ऑस्ट्रेलिया के मुख्य खिलाड़ियों में से एक हैं। एक बार जब वो मैदान पर टिक जाते हैं तो बड़ी पारी खेलते हैं। हालांकि एरोन फिंच ने इंदौर में शतकीय पारी खेली लेकिन वार्नर एक खतरनाक खिलाड़ी हैं। चहल ने आगे कहा, उन्हें आईपीएल में खेलने का अनुभव है और उनकी बल्लेबाजी का तरीका आक्रमक है। यदि वो 40-50 गेंद खेल लेते हैं तो 70 से 80 रन आसानी से बन जाते हैं। चहल ने आगे कहा, बेंगलुरु में हमारा लक्ष्य वार्नर को जल्दी से जल्दी पवेलियन वापस भेजना है ताकि मध्य के ओवरों में ऑस्ट्रेलिया पर दवाब बनाया जा सके।