चहल काफी महंगे साबित हुए और चार ओवर में 50 रन खर्च किए। उन्हें सिर्फ जितेश शर्मा का एकमात्र विकेट मिला। हालांकि, यह विकेट लेते हुए चहल आईपीएल इतिहास के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। हालांकि, भारतीयों में इस लीग में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में वह पहले स्थान पर हैं। चहल ने अब तक 133 मैचों में 171 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनका इकॉनमी रेट 7.63 का रहा है। इस दौरान चार बार पारी में चार विकेट और एक बार पारी में पांच विकेट शामिल है।
वहीं, सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड चेन्नई सुपर किंग्स के मौजूदा बॉलिंग कोच और पूर्व क्रिकेटर ड्वेन ब्रावो के नाम है। ब्रावो ने 161 मैचों में 183 विकेट झटके। इस दौरान उनका इकॉनमी रेट 8.38 का रहा था। यानी चहल अब ब्रावो से सिर्फ 12 विकेट दूर हैं। चहल ने मुंबई इंडियंस के पूर्व तेज गेंदबाज और राजस्थान रॉयल्स के मौजूदा बॉलिंग कोच लसिथ मलिंगा को पीछे छोड़ा। मलिंगा ने 122 मैचों में 170 विकेट लिए थे। इस दौरान उनका इकॉनमी रेट 7.14 का रहा था।
40 रन देकर पांच विकेट चहल की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी है। वहीं, ब्रावो की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 22 रन देकर चार विकेट है। मलिंगा ने 13 रन देकर पांच विकेट झटके थे, जो कि उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी है। सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में चौथे नंबर पर अमित मिश्रा (166 विकेट) और पांचवें नंबर पर रविचंद्रन अश्विन (159 विकेट) हैं।
193 रन के लक्ष्य के जवाब में राजस्थान की शुरुआत खराब रही थी। यशस्वी जायसवाल के साथ अश्विन ओपनिंग के लिए उतरे थे। यशस्वी 11 रन और अश्विन खाता खोले बिना आउट हुए। जोस बटलर 19 रन, देवदत्त पडिक्कल 21 रन, रियान पराग 20 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान संजू सैमसन ने 25 गेंदों में 42 रन की पारी खेली। अपनी पारी में उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। वहीं, आखिर में शिमरोन हेटमायर ने 18 गेंदों में एक चौका और तीन छक्के की मदद से 36 रन की पारी खेली।
वहीं, ध्रुव जुरेल ने 15 गेंदों में 32 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने तीन चौके और दो छक्के लगाए। आखिरी ओवर में राजस्थान को जीत के लिए 16 रन चाहिए थे, लेकिन सैम करन ने सिर्फ 10 रन खर्च किए। हालांकि, यह राजस्थान को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं था। पंजाब की ओर से नाथन एलिस ने चार और अर्शदीप सिंह ने दो विकेट झटके।