फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

युवराज सिंह की वो पांच पारियां, जो आज भी रोंगटे खड़े कर देती हैं

Tue, 11 Jun 2019 07:45 AM IST
अंशुल तलमले स्पोर्टस डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 6
युवराज सिंह - फोटो : पीटीआई
'जब तक बल्ला चल रहा है, ठाठ चल रहा है. जब बल्ला नहीं चलेगा तो फिर...'

बिड़ला सन लाइफ का ये महज 46 सेकेंड लंबा विज्ञापन आपको यूट्यूब पर मिल जाएगा। भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे धमाकेदार हरफनमौला खिलाड़ी युवराज सिंह इस एड में जो कह रहे हैं, वो हर बात सच लगती है। युवी ने सोमवार को अपना बल्ला टांगने का एलान किया, तो 46 सेकेंड में कही उनकी हर बात और एक लंबा कामयाब करियर जेहन में तैरने लगा।

युवराज फाइटर सिंह। जी हां अगर युवी को फाइटर कहा जाए तो शायद ही कोई इसे अतिश्योक्ति मानेगा। इस खिलाड़ी के करियर में एक नहीं कामयाबी के कई माइलस्टोन हैं। वो आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार फील्डिंग से पहचान बनाने के बाद कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से घिरे।

कैंसर से लड़ने अस्पताल पहुंचे, जूझे और फिर मैदान में लौटे और टीम में जगह बनाई। अब जब युवराज दोबारा कभी ब्लू जर्सी में नजर नहीं आने वाले तो उनके सुनहरे सफर पर नजर डालना जरूरी हो जाता है। आइए उनके 19 साल के क्रिकेटिंग करियर की उन पांच बेहतरीन पारियों की बात करते हैं जो बतातीं हैं युवी किस खिलाड़ी का नाम था।
विज्ञापन

84 रन बनाम ऑस्ट्रेलिया (आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी, साल 2000)

2 of 6
युवराज सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
उम्र 18 साल और जिगर ऐसा जैसे कई साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम जमा रखे हों। पहली इंटरनेशनल पारी और ग्लेन मैकग्रा जैसे गेंदबाज का सामना। 45 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान मिला जिसके बाद युवराज ने 84 रनों की धमाकेदार पारी खेली।

उनकी इस पारी ने टीम को 265 रनों तक पहुंचाया जो उस वक्त टक्कर देने लायक टोटल माना जाता था। इसके बाद फील्डिंग में अपने जौहर दिखाए। इयान हार्वे का कैच लिया और एक कंगारू बल्लेबाज को रन आउट किया। ये मैच भारत हार गया था, लेकिन टीम को लंबी रेस का आक्रामक खिलाड़ी मिल गया।
विज्ञापन

69 रन बनाम इंग्लैंड (नेटवेस्ट फाइनल, साल 2002)

3 of 6
नेटवेस्ट ट्रॉफी के दौरान युवराज सिंह - फोटो : सोशल मीडियैा
325 रनों का पहाड़ सामने हो और टीम के सारे दिग्गज पवैलियन लौट जाएं तो नतीजे का अंदाज लगाना आसाना है, लेकिन युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ जैसे युवा और दिलेर पिच पर हों तो अनहोनी को भी होनी में बदला जा सकता है। ये मैच भले सौरव गांगुली के टीशर्ट घुमाने और कैफ के पावर पंच के लिए जाना जाता है, लेकिन काउंटर अटैक युवी ने शुरू किया था।

जब भारतीयों ने टीवी बंद कर टीम की हार मान ली थी, युवराज ने कैफ के साथ मिलकर 121 रन जोड़े और टीम इंडिया की सबसे यादगार जीत की नींव रखी। वो आउट हुए और पवेलियन लौटते हुए उनका चेहरा बता रहा था कि वो किस हद तक खुद टीम को जीत तर पहुंचाना चाहते थे।

139 रन बनाम ऑस्ट्रेलिया (सिडनी, साल 2004)

4 of 6
युवराज सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
वीबी सीरीज का सातवां मैच जिसे युवराज सिंह के करियर में विदेश में खेली गई सबसे बेहतरीन पारी में गिना जाता है। इस मैच में उनके साथ टेस्ट मैच के बादशाह माने जाने वाले वीवीएस लक्ष्मण ने 109 रनों की नाबाद पारी खेली थी। ये मैच कंगारू गेंदबाज इयान हार्वे को भी याद रहेगा जिनके 49वें ओवर में युवराज ने 22 रन ठोके थे।

इस मैच में बारिश ने खलल डाला था और मैच भारत ने गंवा दिया, लेकिन युवराज की ये पारी भारतीय प्रशंसकों और कंगारू गेंदबाज, दोनों को अब भी याद होगी।
विज्ञापन

107 रन बनाम पाकिस्तान (कराची, साल 2006)

5 of 6
युवराज सिंह और एमएस धोनी - फोटो : सोशल मीडिया
ये युवराज की वो दमदार और समझदारी वाली पारी थी जिसने पाकिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया को 4-1 की शानदार जीत दी। इस मैच में पाकिस्तान ने पहले खेलते हुए 50 ओवर में 288 रनों का पहाड़ खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज राहुल द्रविड़ और गौतम गंभीर की रवानगी के बाद युवराज ने अपना धमाकेदार स्टाइल दिखाया।

सामने महेंद्र सिंह धोनी खड़े थे जिसकी वजह से युवराज पर दबाव भी कम होता रहा। 64 रनों पर उन्हें जीवनदान मिला जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया और आठ विकेट से टीम इंडिया को जीत तक पहुंचा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

57 रन बनाम ऑस्ट्रेलिया (अहमदाबाद, साल 2011)

6 of 6
युवराज सिंह
रिकी पॉन्टिंग ने अपने आखिरी विश्व कप मुकाबले में शानदार शतक लगाया और कंगारू टीम 260 रनों तक पहुंची, लेकिन ये मैच भी युवराज सिंह की पारी और उनकी दहाड़ के लिए याद रखा जाता है। नाजुक मोड़ पर उन्होंने टिककर खेला और फिर बाद में आक्रामक रुख अख्तियार किया।

इस मैच में युवराज बल्ले ही नहीं, गेंद से भी चमके। उन्होंने दस ओवर में 44 रन देकर दो विकेट चटकाए। पाकिस्तान के साथ सेमीफाइनल तय करने के लिए ये मैच जीतना जरूरी था और युवराज ने वही किया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें