वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही पाकिस्तानी फेंस को लगातार झटके लग रहे हैं। पहले दो झटके टीम के कप्तान मिसबाह उल हक और शाहिद आफरीदी वर्ल्ड कप के बाद संन्यास की घोषणा करके दे चुके हैं। इस बार पाकिस्तान के अनुभवी क्रिकेटर यूनुस खान ने झटका दिया है।
37 वर्षीय युनूस खान ने घोषणा की है कि वह वर्ल्ड कप के बाद वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे। कई बार अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले यूनुस खान वनडे में टीम की बागडोर भी संभाल चुके है।
2006 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने यूनुस को पहली बार टीम का कप्तान बनाया था। लेकिन टीम के टूर्नामेंट में जल्दी बाहर हो जाने के बाद यूनुस और उनकी टीम को पाकिस्तानी प्रशंसकों का गुस्सा झेलना पड़ा। यूनुस की बदकिस्मती बस यही पर नहीं रुकी।
जानते हैं इसके बाद उनके साथ ऐसा क्या हुआ कि पाकिस्तान बोर्ड ने उनसे कप्तानी छीन ली और बैन लगा दिया।
कप्तानी भी गई, खेलने पर भी लगा बैन
2009 में यूनुस खान की कप्तानी में पाकिस्तान टीम ने श्रीलंका को 2-1 से मात दी। जिसके बाद पाक क्रिकेट बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष इजाज बट ने यूनुस को वनडे और टेस्ट दोंनो फार्मेट का कप्तान बना दिया।
इस दौरान यूनुस की टीम के सीनीयर खिलाड़ियों खासकर शोएब मलिक के साथ अनबन की खबरें आई। यूनुस ने तो यहां तक कह दिया था कि सीनीयर खिलाड़ियों को कप्तान की बातों का सम्मान करना चाहिए।
इसी साल पर मैच फिक्सिंग का एक आरोप ने यूनुस को तगड़ा झटका दिया। फिक्सिंग की जांच के दौरान 13 अक्टूबर को यूनुस ने टीम के कप्तानी पद से इस्तीफा दे दिया। मार्च 2010 को पाक क्रिकेट बोर्ड ने यूनुस पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने पर भी पाबंदी लगा दी।
बैन लगने के पीछे बोर्ड ने अजीबोगरीब बयान दिया। बोर्ड के अनुसार यूनुस के लड़ाकू रवैये के कारण टीम के अन्य खिलाड़ियों को ड्रेसिंग रुम में दिक्कत आ रही है।
जब अखबार को मांगनी पड़ी यूनुस से माफी
मैच फिक्सिंग के आरोप झेल रहे यूनुस को एक और झटका तब लगा जब 31 अगस्त 2010 को एक अंग्रेजी अखबार में उनके खिलाफ गलत रिपोर्ट छपी। रिपोर्ट में अखबार ने दावा किया कि यूनुस ने मैच फिक्सर मजहर मजीद के साथ संपर्क किया था। इसी कारण बोर्ड ने उन पर कार्रवाई की है।
खुद पर लगे आरोपों से तिलमिलाए यूनुस ने अखबार के खिलाफ मानहानि का दावा ठोक दिया। एक तरफ अखबार अपनी रिपोर्ट पर अड़ा रहा तो दूसरी ओर यूनुस अपने को पाक-साफ कहते रहे।
इस बीच यूनुस पर मैच फिक्सिंग के आरोप गलत साबित हुए। अखबार ने सार्वजनिक तौर पर यूनुस से माफी मांगी। माफी के बाद यूनुस ने अखबार के खिलाफ अपना केस वापस ले लिया। फिक्सिंग के आरोप हटने के बाद पाक क्रिकेट बोर्ड ने अक्टूबर 2010 को बैन हटाते हुए यूनुस को टीम में शामिल कर दिया।
कुल 259 वनडे क्रिकेट मैच खेल चुके यूनुस के नाम कुल 7 शतक और 49 अर्धशतक है। यूनुस ने 2010 में श्रीलंका के खिलाफ ही वनडे और टेस्ट दोनों से अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का आगाज किया था।