भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल घरेलू क्रिकेट में मुंबई टीम के लिए खेलना जारी रखेंगे। मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने सोमवार को उनके पहले के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के अनुरोध को वापस लेने की मंजूरी दे दी। यशस्वी ने अप्रैल में सभी को चौंकाते हुए एमसीए से किसी अन्य राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए एनओसी देने की मांग की थी।
यशस्वी ने एमएसीए को ई-मेल में लिखा था, मैं आपसे एनओसी वापस लेने का अनुरोध करता हूं क्योंकि गोवा में जाकर बसने की परिवार की योजना फिलहाल रद्द हो गई है। मैं एमसीए से अनुरोध करता हूं कि मुझे इस सत्र में मुंबई के लिए खेलने की अनुमति दी जाए। मैने एनओसी बीसीसीआई या गोवा क्रिकेट संघ को नहीं भेजी है।
एमसीए ने यशस्वी को दी थी एनओसी
एमसीए ने शुरुआत में एनओसी देने की उनकी अपील को स्वीकार कर लिया था। यशस्वी गोवा की टीम से जुड़ने के साथ उसके कप्तान बनने की राह पर थे। उन्होंने हालांकि मई में एमसीए को एनओसी जारी करने के उनके अनुरोध को वापस लेने की मांग करते हुए पत्र लिखा था। एमसीए की शीर्ष परिषद ने सोमवार को जायसवाल के एनओसी वापस लेने के अनुरोध को मंजूरी दे दी।
एमसीए ने कहा, 'शीर्ष परिषद ने एनओसी वापस लेने को मंजूरी दे दी है। यशस्वी जायसवाल ने इससे पहले दूसरे राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए इसका अनुरोध किया था। वह हालांकि अब मुंबई के लिए खेलना जारी रखेंगे।' कुछ दिनों पहले मुंबई के एक अन्य भारतीय खिलाड़ी पृथ्वी शॉ ने एमसीए से दूसरे राज्य के लिए खेलने की मंजूरी मांगी थी। उनके अनुरोध को मंजूरी दे दी गई है।
रणजी ट्रॉफी में लिया था हिस्सा
यशस्वी आखिरी बार मुंबई के लिए जम्मू कश्मीर के खिलाफ 23-25 जनवरी के बीच रणजी ट्रॉफी के लीग मैच में खेले थे। उन्होंने चार और 26 रन बनाए, जबकि मुंबई को टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार जम्मू कश्मीर ने पांच विकेट से हराया था। ऐसा माना जा रहा था कि गोवा की टीम यशस्वी को कप्तान बना सकती है। व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को देखते हुए यशस्वी गोवा के साथ ज्यादा समय नहीं बिता सकते थे, लेकिन अगर वह कप्तान बनते तो उन्हें कप्तानी का अनुभव मिल सकता था।