'जब आपका दिन हो, तो उसे भुनाएं'
मैच के बाद जायसवाल ने कहा "मैंने अपनी बल्लेबाजी का भरपूर आनंद लिया। शुरुआत में मुझे पावरप्ले में कुछ रन मिल गए थे, इसलिए मैं बस उसे आगे बढ़ाना चाहता था और अंत तक खेलना चाहता था। मैं केवल अपनी प्रक्रिया (प्रोसेस) पर ध्यान केंद्रित करता हूं, जो चीजें मेरे नियंत्रण में हैं उसी पर ध्यान देता हूं और जितना हो सके उतनी कड़ी मेहनत करने की कोशिश करता हूं। बेशक, सपोर्ट स्टाफ का हमेशा पूरा सहयोग मिलता है और वे मेरे लिए अद्भुत रहे हैं। हमारे बीच का संवाद अवास्तविक है, इसलिए मुझे पता रहता है कि क्या चल रहा है।"
उन्होंने आगे कहा "मैं भाग्यशाली रहा हूं, इसलिए अगर मुझे अच्छी शुरुआत मिलती है तो मैं उसे बड़े स्कोर में बदलने की कोशिश कर रहा हूं। मैंने खेलों में और विशेष रूप से क्रिकेट में देखा है कि जब आपका दिन हो, तो उसे भुनाना चाहिए। इसलिए मैं वही करने की कोशिश करता हूं।" जायसवाल ने कहा कि उन्होंने शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने के महत्व को अच्छी तरह सीख लिया है। हाल ही में मुझे काफी अनुभव मिला कि मैं कोशिश तो कर रहा था, लेकिन चीजें मेरे पक्ष में नहीं जा रही थीं। आज मैं बहुत दृढ़ था कि मुझे अपना ध्यान केंद्रित रखना है और स्ट्राइक रोटेट करने का प्रयास करते रहना है। अगर मैं क्रीज पर टिक जाता हूं, तो मुझे इसे बड़े स्कोर में बदलना ही होगा।"
यशस्वी जायसवाल और रोहित शर्मा
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रोहित शर्मा की भूमिका को सराहा
युवा बल्लेबाज ने सीनियर खिलाड़ी और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा की भूमिका को भी स्वीकार किया। जायसवाल ने कहा "बेशक, रोहित भैया हमेशा बहुत मददगार होते हैं। मैं उनसे हमेशा बहुत सारे सवाल पूछता हूं और उन्हें खेल में लागू करने की कोशिश करता हूं। आज भी, जब मैं डॉट गेंदें खेल रहा था, तो मैंने उनसे पूछा कि मुझे क्या करना चाहिए। उन्होंने मुझसे कहा कि बस स्ट्राइक रोटेट करने की कोशिश करो और तुम्हारा इरादा (इंटेंट) सकारात्मक होना चाहिए। इसलिए मैंने अपना इरादा बनाए रखा और स्ट्राइक रोटेट की, जिसने मेरी वास्तव में मदद की। मुझे उनके साथ रहने और उनके नेतृत्व में जाकर खेलने में हमेशा मजा आता है। सब कुछ अद्भुत है।"