भारतीय क्रिकेट के युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल ने 23 साल की उम्र में एक और बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है। उन्होंने नई दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टेस्ट मैच में अपना सातवां शतक जड़कर खुद को विश्व क्रिकेट के महान नामों की सूची में शामिल कर लिया है। विश्व क्रिकेट में किसी भी युवा बल्लेबाज के लिए इतनी जल्दी सात शतक बनाना काफी बड़ी उपलब्धि है। यशस्वी ने न केवल भारत बल्कि दुनिया के टॉप ओपनर्स के बीच अपनी छवि मजबूत कर ली है। यह आंकड़ा यशस्वी के प्रदर्शन की गंभीरता और निरंतरता को दर्शाता है।
ब्रैडमैन, सचिन और सोबर्स की खास सूची में शामिल
यशस्वी का यह शतक खास इसलिए भी है क्योंकि वह टेस्ट क्रिकेट में 24 साल की उम्र के होने से पहले सात या इससे ज्यादा शतक लगाने वाले कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। इससे पहले सिर्फ डॉन ब्रैडमैन (12 शतक), सचिन तेंदुलकर (11 शतक), और सर गारफील्ड सोबर्स (9 शतक) ने ही 24 साल की उम्र के होने से पहले यशस्वी से ज्यादा शतक लगाए हैं। इसके अलावा जावेद मियांदाद, ग्रीम स्मिथ, एलिस्टेयर कुक और केन विलियम्सन ने भी अपने करियर में 24 साल की उम्र के होने से पहले सात-सात शतक बनाए। यशस्वी ने अपने शानदार प्रदर्शन से खुद को इन क्रिकेट दिग्गजों के स्तर पर ला खड़ा किया है।
डेब्यू के बाद भारत के ओपनर्स में सबसे आगे
यशस्वी जायसवाल ने 2023 में टेस्ट डेब्यू किया था। अपने टेस्ट डेब्यू के बाद अब तक साच शतक जड़े हैं। यशस्वी के डेब्यू से लेकर अब तक भारत के अन्य सभी ओपनर्स ने मिलकर इस दौरान केवल छह शतक बनाए हैं। यशस्वी के टेस्ट डेब्यू के बाद से अन्य टीमों के ओपनर्स में सबसे ज्यादा शतक बनाने वाले खिलाड़ी बेन डकेट हैं, जिन्होंने इस दौरान चार शतक बनाए हैं। यह आंकड़ा यह दिखाता है कि युवा ओपनर ने टीम के लिए कितनी जिम्मेदारी उठाई है और अपने निरंतर प्रदर्शन से खुद को सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल किया है।
पहले दिन का खेल
पहले दिन का खेल खत्म हो चुका है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने अपनी पहली पारी में दो विकेट गंवाकर 318 रन बना लिए हैं। फिलहाल यशस्वी जायसवाल 173 रन और कप्तान शुभमन गिल 20 रन बनाकर नाबाद हैं। दोनों के बीच अब तक तीसरे विकेट के लिए 67 रन की साझेदारी हो चुकी है। भारतीय टीम को जो दो झटके लगे हैं, उनमें केएल राहुल और साई सुदर्शन के विकेट शामिल हैं। राहुल 38 रन और सुदर्शन 87 रन बनाकर आउट हुए। सुदर्शन शतक से चूक गए। यशस्वी के टेस्ट करियर का यह सातवां शतक रहा। उन्होंने सुदर्शन के साथ दूसरे विकेट के लिए 193 रन की साझेदारी निभाई।