श्रीलंका के खिलाफ दूसरा टेस्ट ड्रॉ होने के बाद भारतीय टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) की अंक तालिका में बड़ा फायदा नहीं मिला। शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम इंडिया 51.52 प्रतिशत अंकों के साथ पांचवें स्थान पर बनी हुई है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया 80 अंक प्रतिशत के साथ तालिका में शीर्ष पर है।
भारत ने गंवाया मौका
भारत के पास श्रीलंका के खिलाफ दूसरा टेस्ट जीतकर डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका था। भारत ने पहली पारी में 503/9 घोषित का विशाल स्कोर बनाया और श्रीलंका को 290 रन पर समेटकर 213 रन की बढ़त हासिल की थी। इसके बाद फॉलोऑन खेलने उतरी श्रीलंकाई टीम को पांचवें दिन भारत जीत की ओर ले जाता हुआ नजर आ रहा था, लेकिन सोनल दिनुषा की नाबाद 133 रन की जुझारू पारी ने भारतीय उम्मीदों पर पानी फेर दिया। श्रीलंका ने दूसरी पारी में 429/9 का स्कोर बनाया और मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में भारत की स्थिति
लेटेस्ट अंक तालिका के मुताबिक भारत ने अब तक 11 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें उसे पांच जीत, चार हार और दो ड्रॉ मिले हैं। भारत के खाते में 68 अंक हैं और उसका प्रतिशत 51.52 है। दूसरे टेस्ट से पहले भारत का अंक प्रतिशत 53.33 था, लेकिन ड्रॉ के बाद यह घटकर 51.52 हो गया। हालांकि, टीम इंडिया पांचवें स्थान पर बरकरार है। दूसरे टेस्ट से पहले भारत का अंक प्रतिशत 53.33 था, लेकिन ड्रॉ के बाद यह घटकर 51.52 हो गया। हालांकि, टीम इंडिया पांचवें स्थान पर बरकरार है।
टॉप पर ऑस्ट्रेलिया, भारत से आगे चार टीमें
डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में ऑस्ट्रेलिया 10 मैचों में आठ जीत के साथ शीर्ष पर है। दक्षिण अफ्रीका 75 प्रतिशत के साथ दूसरे और न्यूजीलैंड 72.22 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है। बांग्लादेश 55.56 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर है और भारत उससे करीब चार प्रतिशत पीछे है। भारत के ड्रॉ के बाद बांग्लादेश और भारत के बीच अंतर और महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे में आगामी मुकाबलों में टीम इंडिया के लिए हर जीत बेहद अहम होगी।
भारत के सामने अब सात टेस्ट, पांच जीत जरूरी?
श्रीलंका सीरीज के बाद भारत को डब्ल्यूटीसी चक्र में सात टेस्ट मैच और खेलने हैं। इनमें न्यूजीलैंड के खिलाफ दो और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट शामिल हैं। डब्ल्यूटीसी फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को इन मुकाबलों में मजबूत प्रदर्शन करना होगा। मौजूदा 51.52 अंक प्रतिशत को देखते हुए भारत के लिए कम से कम पांच जीत हासिल करना बेहद महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, सिर्फ अपनी जीत ही पर्याप्त नहीं होगी और उसे अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ सकता है।
सोनल दिनुषा ने बिगाड़ा भारत का खेल
दूसरे टेस्ट के पांचवें दिन भारत को श्रीलंका के आखिरी चार विकेट हासिल करने थे, लेकिन सोनल दिनुषा एक बार फिर भारतीय गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आए। दिनुषा ने 264 गेंदों पर नाबाद 133 रन बनाए। उन्होंने केशरा नुवंथा के साथ सातवें विकेट के लिए 112 रन की साझेदारी की। इसके बाद श्रीलंका के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भी उनका भरपूर साथ दिया। दिनुषा ने इस सीरीज में अपना तीसरा शतक लगाया। वह इस टेस्ट की पहली पारी में भी 103 रन बना चुके थे। इससे पहले गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में उन्होंने अपना पहला टेस्ट शतक लगाया था।
भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता क्या?
भारत ने इस टेस्ट में पहली पारी में 213 रन की बढ़त हासिल की थी और श्रीलंका को फॉलोऑन भी कराया। इसके बावजूद टीम इंडिया जीत के लिए जरूरी आखिरी चार विकेट हासिल नहीं कर सकी। डब्ल्यूटीसी की दौड़ को देखते हुए यह ड्रॉ भारत के लिए निराशाजनक नतीजा है। टीम के पास अब गलती की गुंजाइश कम होती जा रही है। न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आने वाली टेस्ट सीरीज में भारत को न सिर्फ मैच जीतने होंगे, बल्कि लगातार अच्छे प्रदर्शन के जरिए अपना अंक प्रतिशत भी ऊपर ले जाना होगा। फिलहाल डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में भारत पांचवें स्थान पर है, लेकिन फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए आने वाले सात टेस्ट टीम इंडिया के अभियान की दिशा तय कर सकते हैं।