हार्दिक पांड्या, विराट कोहली और रोहित शर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली आगामी एशिया कप और वनडे विश्व कप चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार हैं। एशिया कप 30 अगस्त से खेला जाएगा, जबकि वनडे विश्व कप की मेजबानी भारत करेगा। इसकी शुरुआत पांच अक्तूबर को होगी और फाइनल मैच 19 नवंबर को होगा। यह स्वीकार करते हुए कि मेगा इवेंट के दौरान दबाव होगा, कोहली ने कहा कि न केवल फैंस बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम भी विश्व कप जीतना चाहती है। पिछले 15 वर्षों से भारतीय क्रिकेट टीम की सेवा कर रहे कोहली ने कहा है कि उन्हें चुनौतियां पसंद हैं।
विराट कोहली ने कहा- आपके सामने कोई भी चुनौती हो, आप उसका इंतजार करते हैं। जब कठिनाई आपके सामने आती है तो आप उत्साहित हो जाते हैं। आप उससे पीछे नहीं हटते। 15 साल बाद भी मुझे मुकाबले पसंद हैं और विश्व कप 2023 एक (चुनौती) है ) यह मुझे उत्साहित करता है। मुझे नई चुनौतियां पसंद हैं, जो मुझे दूसरे स्तर पर ले जाए।
विराट कोहली और रोहित शर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
कोहली ने कहा- दबाव हमेशा रहता है। फैंस हमेशा कहते हैं कि हम (टीम) एक आईसीसी कप बहुत बुरी तरह जीतना चाहते हैं। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहूंगा। इसलिए मैं सही जगह पर हूं। ईमानदारी से कहूं तो मुझे पता है कि टीम से काफी उम्मीदें और लोगों की भावनाएं इससे जुड़ी हैं। लेकिन मैं आपको बताना चाहूंगा कि खिलाड़ियों से ज्यादा कोई भी ट्रॉफी जीतने की चाहत नहीं रखता।
हालांकि, कोहली के लिए विश्व कप जीतना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने 2008 में आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में भारत को जीत दिलाई थी और वह एमएस धोनी की अगुआई वाली उस भारतीय टीम का भी हिस्सा थे जिसने 2011 में घरेलू मैदान पर 50 ओवर का विश्व कप जीता था।
कोहली ने कहा- मेरे करियर का मुख्य आकर्षण स्पष्ट रूप से 2011 में विश्व कप जीतना है। मैं उस समय 23 वर्ष का था और शायद मुझे इसकी महानता तब समझ में नहीं आई। लेकिन अब 34 वर्ष की उम्र में और कई विश्व कप खेलने के बाद जो हम जीतने में सक्षम नहीं हो पाए, मैं उस वक्त (2011) के सभी वरिष्ठ खिलाड़ियों की भावनाओं को समझता हूं। सचिन तेंदुलकर के लिए यह और भी अधिक थी, क्योंकि वह उनका आखिरी विश्व कप था। वह तब तक कई विश्व कप खेल चुके थे और अपने घर मुंबई में इसे जीतना उनके लिए बहुत खास था। मेरा मतलब है यह सपने जैसा था।
2011 विश्व विजेता टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
कोहली ने 2011 विश्व कप से पहले और उसके दौरान खिलाड़ियों पर बने दबाव को भी याद किया। उन्होंने कहा- मुझे याद है कि जब हम यात्रा कर रहे थे तो सभी खिलाड़ियों पर कितना दबाव था। शुक्र है कि तब कोई सोशल मीडिया नहीं था। ईमानदारी से कहूं तो तब सोशल मीडिया एक बुरे सपने जैसा होता। हमें हमेशा एक ही चीज पता थी - हमें कप जीतना है। सीनियर खिलाड़ी हमेशा जोश में रहते थे और उस दबाव को झेलते थे। यह बहुत शानदार था। और वह रात (विश्व कप जीत के बाद) अपने आप में कुछ जादुई थी।