वर्ल्ड कप की ट्रॉफी आखिरकार क्रिकेट के जनक कहे जाने वाले इंग्लैंड के हाथ आ ही गई। रोमांचक मैच में जीत हासिल करने के बाद इंग्लैंड की टीम की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लॉर्ड्स के मैदान में ऐतिहासिक जीत से रोमांचित इंग्लैंड ने खुशी का इजहार करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। मैच के बाद इंग्लिश पेसर जोफ्रा आर्चर ने कहा कि बेन स्टोक्स की सीख से उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व कप फाइनल के सुपर ओवर में धीरज बनाए रखने में मदद मिली।
इंग्लैंड ने सुपर ओवर में 15 रन बनाए। इसके बाद न्यूजीलैंड ने भी आर्चर के फेंके सुपर ओवर में इतने ही रन बनाए। जिमी नीशम ने सुपर ओवर की तीसरी गेंद पर छक्का लगा दिया, लेकिन आर्चर ने अपना संयम नहीं छोड़ा और इंग्लैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई।
आर्चर ने कहा, ‘मैं पहले मॉर्गन के पास गया कि सुपर ओवर कैसे डालना है, लेकिन मैं दोबारा तसल्ली करना चाहता था।' उन्होंने कहा, ‘मुझे लगा कि सब ठीक होगा लेकिन फिर छक्का लग गया। स्टोक्स ने ओवर से पहले ही मुझसे कहा था कि हम जीते या हारें, उसके आधार पर तुम्हारा आकलन नहीं होगा। सभी को तुम पर भरोसा है।’
आर्चर ने कहा, ‘स्टोक्स कोलकाता की घटना को याद में रखकर मुझसे बात करने आए। वह भी इन जज्बात से गुजर चुके थे, लेकिन टीम तब हार गई थी। हम अगर हार जाते तो मुझे नहीं पता कि मैं क्या करता।’ स्टोक्स ने तीन साल पहले कोलकाता में टी-20 विश्व कप फाइनल में आखिरी ओवर डाला था। आर्चर ने कहा, ‘उन्होंने कहा कि हम हार भी गए तो अगले साल टी-20 विश्व कप है और मेरे पास एक मौका और होगा।’
उन्होंने कहा, ‘जो रूट ने भी मुझे हौसला दिया। मुझे पता था कि हम हार भी गए तो दुनिया खत्म नहीं हो जाएगी। मुझे खुशी है कि इन सभी ने मुझ पर भरोसा किया। मॉर्गन छक्का लगने के बाद भी संयमित थे और मुझे समझा।’ उन्होंने कहा कि यह जीत इंग्लैंड में क्रिकेटरों की पूरी पीढ़ी को प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि अब बच्चे क्रिकेट खेलना चाहेंगे। हम पूरी पीढ़ी को प्रेरित करना चाहते थे, क्योंकि कल हम नहीं होंगे, कोई और तो विरासत संभालेगा।’