भारतीय टीम ने साल 2011 में वानखेड़े के मैदान पर श्रीलंका को हराकर विश्व कप अपने नाम किया था। यह दूसरा मौका था, जब भारतीय टीम विश्व विजेता बनी थी। भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश ने इस विश्व कप की मेजबानी की थी। घरेलू हालातों में भारत को पहले से ही खिताब जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था और हुआ भी वैसा ही। भारत ने यह विश्व कप अपने नाम किया। इससे पहले टीम इंडिया ने 1983 में कपिलदेव की कप्तानी में विश्व कप जीता था। यहां हम 2011 विश्व कप से जुड़े कुछ मजेदार तथ्य बता रहे हैं।
1. 2011 विश्व कप की मेजबानी भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका ने की थी। कुल 13 स्टेडियम में मैच हुए थे। सबसे ज्यादा मैच भारत में हुए थे।
2. 2011 विश्व कप में कुल 14 देशों ने भाग लिया था। सभी टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया था। ग्रुप ए में ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, जिम्मबाब्वे, कनाडा और केन्या की टीम थी। वहीं ग्रुप बी में भारत, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, वेस्टइंडीज, नीदरलैंड और आयरलैंड की टीम थी।
3. 2011 विश्व कप में कुल 49 मैच खेले गए थे। उस समय तक हुए विश्व कप में यह सबसे बड़ा आंकड़ा था।
4. इस विश्व कप में कुल ईनामी राशि 75.95 करोड़ थी। इसमें से 22.78 करोड़ विजेता टीम को दिए गए थे, जबकि 11.39 करोड़ उपविजेता टीम को दिए गए थे।
5. युवराज सिंह को मैन ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब दिया गया था। वो इस टूर्नामेंट में भारत के लिए चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। उनसे ज्यादा रन सचिन तेंदुलकर, गौतम गंभीर और महेंद्र सिंह धोनी ने बनाए थे। वहीं विकेट लेने के मामले में वो सिर्फ जहीर खान से पीछे थे।
6. न्यूजीलैंड की टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने और दक्षिण अफ्रीका के पहले ही बाहर होने से दर्शक चौक गए थे। सभी को उम्मीद थी कि अफ्रीकी टीम कम से कम सेमीफाइनल तक का सफर जरूर तय करेगी।
7. विराट कोहली ने इस विश्व कप में दिखाया था कि वो आने वाले समय में क्या करने वाले हैं। तीन बार विराट दबाव भरे हालातों में बल्लेबाजी के लिए आए थे और पूरी जिम्मेदारी के साथ भारत की पारी को संभाला था।
8. यह सचिन तेंदुलकर का छठा विश्व कप था। वो साल 1992 से 2011 तक छह विश्व कप का हिस्सा रहे। तेंदुलकर सबसे ज्यादा विश्व कप खेलने वाले खिलाड़ी हैं।
9. इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन तिलकरत्ने दिलशान (500) सचिन तेंदुलकर (482) और कुमार संगकारा (465) ने बनाए थे। वहीं सबसे ज्यादा विकेट जहीर खान/शाहिध अफरीदी (21) टिम साउदी (18) और युवराज सिंह (15) ने लिए थे।
10. श्रीलंका ने न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हराकर और भारत ने पाकिस्तान को 29 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। गौतम गंभीर की शानदार बल्लेबाजी के बाद धोनी की कप्तानी पारी के चलते भारत 28 साल बाद विश्व कप विजेता बना था।
11. भारत पहला देश बना था, जिसने अपने घरेलू मैदान में विश्व कप जीता था। इससे पहले कोई भी देश यह कारनामा नहीं कर पाया था। भारत के बाद ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ने भी यह कारनामा किया।