क्यों नहीं मिला पदक?
बांग्लादेश के खिलाफ भारत के आखिरी लीग मैच में प्रतिका को टखने में गंभीर चोट लगी, जिसके चलते उन्हें पूरे टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। टीम प्रबंधन ने उनकी जगह शेफाली वर्मा को 15 सदस्यीय स्क्वॉड में शामिल किया। आईसीसी के नियमों के अनुसार, विजेता पदक केवल उसी समय की आधिकारिक 15 सदस्यीय टीम के खिलाड़ियों को दिए जाते हैं, जो फाइनल खेलने के समय स्क्वॉड में होते है। प्रतिका शुरू में टीम का हिस्सा थीं, लेकिन चोट के बाद जब शेफाली को रिप्लेसमेंट के रूप में शामिल किया गया, तो तकनीकी रूप से प्रतिका टीम की सूची से बाहर हो गईं। शेफाली ने फाइनल में शानदार 87 रन की पारी खेलकर भारत की जीत की नींव रखी और प्लेयर ऑफ द मैच बनीं। उन्हें और बाकी खिलाड़ियों को विजेता पदक मिले लेकिन प्रतिका को नहीं।