महिला टी20 विश्व कप 2026 के 23वें मुकाबले में जब भारतीय टीम की भिड़ंत बांग्लादेश से होगी, तो मैदान पर सिर्फ मुकाबला नहीं, बल्कि सेमीफाइनल का टिकट दांव पर लगा होगा। टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को हर हाल में जिंदा रखने के लिए हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम को इस मैच में जीत दर्ज करनी ही होगी। इस बड़े और 'करो या मरो' के मुकाबले से पहले भारतीय सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा का कहना है कि टीम इस तरह की दबाव वाली स्थिति का सामना पिछले साल खेले गए वनडे विश्व कप में भी कर चुकी है और टीम वहां से शानदार वापसी करने में सफल रही थी।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने हडल में जगाया जोश
शेफाली वर्मा ने प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए टीम के हौसले और रणनीति को साझा किया। उन्होंने कहा कि कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैच से पहले हडल (मैदान पर खिलाड़ियों की बैठक) के दौरान सभी का हौसला बढ़ाया और याद दिलाया कि टीम पहले भी ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना कर चुकी है। उन्होंने हम सभी से कहा कि यह पहली बार नहीं है जब हम इस तरह की स्थिति में खड़े हैं। पिछले साल भी हम इसी तरह के भारी दबाव में थे और उससे सफलतापूर्वक बाहर निकले थे। ऐसे में मुझे लगता है कि मुश्किल स्थिति असल में वो होती है, जिसका सामना आप अपनी जिंदगी में पहली बार कर रहे हों।
'दोनों मैच जीतने होंगे, हर खिलाड़ी चुनौती के लिए तैयार'
शेफाली ने पिछले अनुभवों को याद करते हुए आगे कहा कि हमने वनडे क्रिकेट में भी ऐसी परिस्थिति को पूरी तरह स्वीकार किया था और अंत में जीत हासिल की थी। हमें यह अच्छी तरह पता है कि अब आगे बढ़ने के लिए हमें अपने दोनों मैच जीतने होंगे। इसके लिए हमें बेहतर तैयारी करनी होगी। एक खिलाड़ी के रूप में हमें एक-दूसरे का समर्थन करते हुए आपस में सही बातचीत बनाए रखनी होगी। इस बार हम यह देखेंगे कि पिछली दफा हम इस तरह की परिस्थिति से कैसे बाहर निकले थे। टीम की हर खिलाड़ी इस बड़ी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
सेमीफाइनल की राह: समीकरणों का चक्रव्यूह
तीन मुकाबलों के बाद भारतीय टीम के खाते में कुल 4 प्वाइंट हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार ने भारतीय टीम की आगे की राह को थोड़ा मुश्किल जरूर कर दिया है। सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिए भारतीय टीम को अब अपने अगले दो मुकाबलों में क्रमशः बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
इन दो बेहद महत्वपूर्ण मुकाबलों में जीत हासिल करने के बावजूद भारतीय टीम को साउथ अफ्रीका से नेट रन रेट के मामले में आगे बने रहना होगा। फिलहाल राहत की बात यह है कि भारतीय टीम ग्रुप-1 की अंक तालिका में बेहतर नेट रन रेट होने की वजह से दूसरे नंबर पर मौजूद है, जबकि साउथ अफ्रीका की टीम तीसरे नंबर पर काबिज है।