भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पहली कप्तान और नया कोच चुनने वाली समिति की सदस्य शांता रंगास्वामी का मानना है कि महिला क्रिकेट का मसला उनकी पूर्व साथी खिलाड़ी डायना एडुल्जी को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया।
क्रिकेट प्रशासन समिति की सदस्य एडुल्जी ने यह बात कही। भारत के लिए 16 टेस्ट और 19 वनडे खेल चुकी 64 बरस की रंगास्वामी उस तीन सदस्यीय समिति में थी जिसने डब्ल्यू वी रमन को भारतीय टीम का नया कोच चुना। पूरी प्रक्रिया में प्रशासकों की समिति के प्रमुख विनोद राय और एडुल्जी के बीच वाकयुद्ध जारी रहा। एडुल्जी चाहती थीं कि पूर्व कोच रमेश पोवार ही पद पर बने रहे जबकि राय ने नई प्रक्रिया का समर्थन किया था।
पोवार के साथ मतभेद सार्वजनिक होने पर भारत की वनडे कप्तान मिताली राज ने एडुल्जी पर पक्षपात का आरोप लगाया था। एडुल्जी ने कहा कि रंगास्वामी ने उस ईमेल में उनका समर्थन किया है जो सीओए और बीसीसीआई सचिव अमिताभ चौधरी को भेजा गया।
उन्होंने आरोप लगाया, 'शांता रंगास्वामी ने हमें भेजे ईमेल में कहा है कि महिला क्रिकेट का मसला सीओए सदस्य पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया गया क्योंकि वह सीईओ के खिलाफ खड़ी हुई थी।' एडुल्जी ने कहा कि महिला क्रिकेट का पूरा मसला बीसीसीआई सीईओ राहुल जोहरी पर लगे यौन उत्पीड़न के कथित आरोपों पर से ध्यान हटाने के लिए इस्तेमाल किया गया।