आईपीएल की चारों टीमों का द हंड्रेड में कुल निवेश 30 करोड़ पाउंड (लगभग 3257 करोड़ रुपये) होगा जो हिस्सेदारी बेचने से मिलने वाली कीमत का लगभग 30 प्रतिशत है।
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के 'द हंड्रेड' क्लबों की हिस्सेदारी बेचने के फैसले ने पाकिस्तान में भूचाल मचा दिया है। चार जाने माने आईपीएल फ्रेंचाइजी के निवेश से ईसीबी अपने प्रमुख टूर्नामेंट 'द हंड्रेड' में आठ टीमों में से चार की हिस्सेदारी बेचकर 975 मिलियन पाउंड जुटाने में सफल रही है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने द हंड्रेड की टीमों में निजी विशेषज्ञता और निवेश को सुरक्षित करने के लिए प्रक्रिया के अंतिम चरण में आठों टीमों के साथ कुछ समझौते किए हैं। हालांकि, इसके बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या आईपीएल फ्रेंचाइजी के निवेश से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को इस लीग से बाहर कर दिया जाएगा? इस लीग में पाकिस्तान के कई बड़े स्टार्स, जैसे-हारिस रऊफ, शाहीन अफरीदी, रिजवान जैसे खिलाड़ी खेलते हैं।
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इन चार IPL फ्रेंचाइजी ने किया निवेश
मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज (मुंबई इंडियंस के मालिक) ने ओवल इनविंसिबल्स, जीएमआर ग्रुप (दिल्ली कैपिटल्स के सह मालिक) ने सदर्न ब्रेव , संजीव गोयनका के आरपीएसजी (लखनऊ सुपर जाइंट्स के मालिक) ने मैनचेस्टर ओरिजिनल्स और सन टीवी नेटवर्क (सनराइजर्स हैदराबाद के मालिक) ने नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स के रूप में चार फ्रेंचाइजी में हिस्सेदारी खरीदी है। आईपीएल की इन चारों टीमों का कुल निवेश 30 करोड़ पाउंड (लगभग 3257 करोड़ रुपये) होगा जो हिस्सेदारी बेचने से मिलने वाली कीमत का लगभग 30 प्रतिशत है।
पाकिस्तान टीम
- फोटो : PCB Twitter
पाकिस्तानी खिलाड़ियों को मिलेगा मौका?
अब सवाल यह है कि जहां आईपीएल टीमों का दांव लगा हुआ है, वहां क्या पाकिस्तान के खिलाड़ियों को उन चार फ्रेंचाइजी में खेलने की अनुमति दी जाएगी? पाकिस्तानी खिलाड़ी 2008 के मुंबई हमले के बाद से आईपीएल में नहीं खेल रहे हैं। एसए20 के पहले तीन सत्रों में जहां सभी छह टीमें आईपीएल फ्रेंचाइजी से जुड़ी हैं, उसमें कोई भी पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं खेल रहा है। ईसीबी के मुख्य कार्यकारी रिचर्ड गोल्ड ने हालांकि, आश्वासन दिया है कि द हंड्रेड में ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'हम इसके बारे में जानते हैं, लेकिन यहां ऐसा नहीं होगा।'
गाउल्ड का IPL फ्रेंचाइजी के निवेश पर बयान
गाउल्ड ने कहा कि वे जानते हैं कि आईपीएल टीमों के स्वामित्व के बावजूद द हंड्रेड में भारतीय खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। रिचर्ड गाउल्ड ने कहा, 'भारतीय टीवी बाजार के लिहाज से विदेशी बाजार हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है।तथ्य यह है कि हमारे पास दुनिया भर से निवेशकों का इतना बड़ा समूह है। मेरा मानना है कि इससे हमें अपने विदेशी प्रसारण अधिकारों में अतिरिक्त मूल्य जोड़ने में मदद मिलेगी।'
भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धता पर बोले गाउल्ड
उन्होंने कहा, 'भारतीय खिलाड़ियों के लिए उपलब्धता हमारी योजनाओं में नहीं है। बीसीसीआई की स्थिति बहुत स्पष्ट है। किसी समय हम भारतीय खिलाड़ियों को इंग्लैंड में खेलते हुए देखना पसंद करेंगे। हम अभी उन्हें द्विपक्षीय मैचों में देखते हैं और वास्तव में काउंटी क्रिकेट में भी काफी हद तक देखते हैं। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं कि हम उन्हें द हंड्रेड में भी देखेंगे।'