टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। संन्यास के बाद धोनी के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो रही हैं। धोनी फिलहाल आईपीएल की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन इन सब के बीच हवा में एक सवाल उठ रहा है कि क्या धोनी राजनीति की पिच से अपनी दूसरी पारी का आगाज करेंगे। धोनी की ओर से हालांकि अभी तक कोई भी बयान नहीं आया है, उन्होंने हर बार की तरह इस बार भी चुप्पी साध रखी है। मगर ये सभी जानते हैं कि माही की खामोशी बेहद ही गंभीर होती है।
इस स्वतंत्रता दिवस पर वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद देश में सर्वाधिक चर्चा में रहने वाले दूसरे व्यक्ति बन गए। धोनी के संन्यास के बाद पीएम मोदी ने एक भावुक चिट्ठी लिखकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। धोनी के साथ सत्ताधारी भाजपा की करीबी कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी भाजपा के नेता धोनी से मिलते रहे हैं। मगर पीएम मोदी की चिट्ठी के बाद क्या धोनी सियासत की ओर कदम बढ़ाएंगे? इस पहेली के चलते रांची से लेकर दिल्ली तक सियासी तापमान बढ़ा है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने धोनी को राजनीति में आने का ऑफर दिया था। स्वामी ने यहां तक कहा था कि धोनी को 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों में हाथ आजमाना चाहिए। स्वामी ने कहा था कि उनकी क्रिकेट के मैदान में बाधाओं से लड़ने और टीम के प्रेरक नेतृत्व वाली काबिलियत की सार्वजनिक जीवन में जरूरत है।
झारखंड में बढ़ा राजनीतिक तापमान
लगातार इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में धोनी राजनीति की पिच पर खेलते हुए दिख सकते हैं। ऐसे में उनके गृह राज्य झारखंड के तमाम राजनीतिक दल उनके स्वागत के लिए तैयार हैं। हालांकि संन्यास के बाद राजनीति में उतरने के लिए धोनी को सबसे पहला ऑफर भाजपा की तरफ से मिला है। रांची से भाजपा सांसद संजय सेठ ने कहा है कि धोनी चाहेंगे तो उनसे रांची आने पर बात की जाएगी। धोनी पर ही सबकुछ निर्भर है। वहीं, झारखंड कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर भी पार्टी में धोनी का स्वागत करने के लिए तैयार हैं।
जब शाह से मिले थे धोनी
साल 2018 में भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह ने ‘संपर्क फॉर समर्थन’ अभियान के तहत महेंद्र सिंह धोनी से मुलाकात की थी। तब भी कयास लगने शुरू हुए थे कि धोनी 2019 के आम चुनाव में भाजपा के टिकट पर रांची से मैदान में उतर सकते हैं, लेकिन यह महज एक अफवाह साबित हुई थी।