अधिकारी ने कहा, 'अगर आप देखो तो एमएसके प्रसाद और गगन खोड़ा की जगह सितंबर 2019 में नहीं बल्कि मार्च 2020 में लाया गया। अगर देवांग, जतिन और शरणदीप ऑस्ट्रेलिया श्रृंखला के लिये सुनील और हरविंदर की मदद करते हैं और शायद इंग्लैंड श्रृंखला के लिए भी, तो इसमें कोई नुकसान नहीं है।'
सूत्र ने कहा, 'उन्होंने घरेलू क्रिकेट में खिलाड़ियों को अच्छी तरह देखा है और उन्हें 'बेंच स्ट्रेंथ' का अच्छी तरह पता है।' उच्चतम न्यायालय की बीसीसीआई की अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह के लिये 'कूलिंग ऑफ पीरियड' में छूट देने की याचिका पर सुनवाई भी एक अन्य कारण है।
नए चयनकर्ताओं की घोषणा पारंपरिक रूप से आम सालाना बैठक के दौरान होती है क्योंकि चयन पैनल बीसीसीआई की उप-समिति है। स्वास्थ्य सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई ऑस्ट्रेलिया के लिए विशाल टीम भेजना चाहेगा जिसमें 23 से 25 खिलाड़ी शामिल हों।
इसकी जानकारी रखने वाले बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, 'यह तार्किक ही हेागा कि कम से कम 23 से 25 खिलाड़ियों की टीम चुनी जाए जैसा पाकिस्तान और वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड दौरे के लिए किया। बाहर से नेट गेंदबाजों को बुलाने की कोई जरूरत नहीं है और अगर भारत ए टीम के खिलाड़ी भी जाते हैं तो इससे बायो-बबल में चार दिवसीय प्रथम श्रेणी मैच कराने में मदद मिलेगी।'