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IND vs WI: ध्रुव जुरेल ने पहला टेस्ट शतक भारतीय सेना को समर्पित किया, बोले- हमेशा से उनके प्रति सम्मान रहा है

Fri, 03 Oct 2025 06:01 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

जुरेल ने जब शतक और अर्धशतक पूरा किया तो उनके जश्न मनाने के तरीके ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने आर्मी सैल्यूट कर भारतीय सेना और अपने पिता को सम्मान दिया जो करगिल युद्ध में शामिल हो चुके हैं।
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ध्रुव जुरेल - फोटो : BCCI
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विस्तार
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भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ लगाया अपने टेस्ट करियर का पहला शतक भारतीय सेना को समर्पित किया है। जुरेल का कहना है कि उनके मन में हमेशा रणभूमि में उनके योगदान के लिए सम्मान रहा है।। जुरेल ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन पहली पारी में शतक लगाया जो उनके करियर का पहला सैकड़ा है। 
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टेस्ट शतक लगाने वाले भारत के 12वें बल्लेबाज
जुरेल टेस्ट में सैकड़ा जड़ने वाले भारत के 12वें बल्लेबाज बने। केएल राहुल और गिल के पवेलियन लौटने के बाद जुरेल और जडेजा ने भारतीय पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को जमकर परेशान किया। जुरेल और जडेजा के बीच पांचवें विकेट के लिए 205 रनों की साझेदारी हुई जिसे पियरे ने जुरेल को आउट कर तोड़ा। जुरेल 210 गेंदों पर 15 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 125 रन बनाकर आउट हुए। राहुल, जुरेल और जडेजा के शतकों से भारतीय टीम ने दिन के खेल की समाप्ति तक पहली पारी में पांच विकेट पर 448 रन बनाए। भारत ने इस तरह अब तक 286 रनों की बढ़त हासिल कर ली है। 

अर्धशतक का जश्न पिता को किया समर्पित
24 वर्षीय जुरेल ने जब शतक और अर्धशतक पूरा किया तो उनके जश्न मनाने के तरीके ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने आर्मी सैल्यूट कर भारतीय सेना और अपने पिता को सम्मान दिया जो करगिल युद्ध में शामिल हो चुके हैं। जुरेल ने अर्धशतक और शतक पूरा करने के बाद सलामी देने की मुद्रा के साथ अपने पिता और भारतीय सेना को सम्मान दिया। जुरेल ने कहा कि अर्धशतक लगाने के बाद सैल्यूट का जश्न मेरे पिता के लिए था, लेकिन शतक के बाद का जश्न सेना के लिए था। रणभूमि में वे जो करते हैं, उसके लिए मेरे मन में हमेशा उनके प्रति सम्मान रहा है। यह बहुत सम्मान की बात है। बहुत से लोग टीम के साथ बने रहते हैं। मैं अगर नहीं भी खेल रहा होता हूं, तो भी मैं कड़ी मेहनत करता रहता हूं जिससे मौका मिलने पर अच्छा प्रदर्शन कर सकूं। यह अनुशासन से आता है और मैं खुद को प्रेरित रखता हूं।  
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जुरेल ने कहा, मैं अपना शतक भारतीय सेना को समर्पित करता हूं। मैंने उन्हें बहुत करीब से देखा है और मुझे उनकी चीजों में बहुत दिलचस्पी है। मैं अपने पिताजी से भी पूछता रहता था। मैं इसे उन लोगों को समर्पित करूंगा जो इसके हकदार हैं।
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