सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के भगवान हैं। इस भगवान को अब उनके भक्त वनडे क्रिकेट में खेलते हुए नहीं देख पाएंगे। सचिन ने अपनी इच्छा से वनडे क्रिकेट से अपने आप को अलग कर लिया है। सचिन के हालिया प्रदर्शन को देखें तो वो लगातार संघर्ष कर रहे थे लेकिन वनडे (पिछली 5 पारियों में 225 रन ) में उनका प्रदर्शन टेस्ट (पिछली 5 पारियों में 99 रन) के मुकाबले बेहतर रहा है। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि सचिन जब वनडे क्रिकेट में बेहतर खेल रहे थे तो उन्होंने वनडे से ही क्यों संन्यास लिया?
टेस्ट को दी वरीयता
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वो अपने देश की टेस्ट टीम का हिस्सा जरूर बने। टेस्ट क्रिकेट को ही असली क्रिकेट माना जाता है। सचिन एक संपूर्ण क्रिकेटर हैं इसके पीछे भी उनकी टेस्ट की पारियां भी हैं। सचिन मौजूदा समय में टेस्ट क्रिकेट में फ्लॉप चल रहे हैं इसलिए उन्हें अपने आप को एक बार फिर साबित
करना है।
वनडे में साबित करने को कुछ नहीं
वहीं बात अगर वनडे क्रिकेट की करें तो सचिन ने जो रिकॉर्ड इस फॉर्मेट में बना दिए हैं वो शायद ही कोई तोड़ पाए। कहा जाता है कि सचिन रिकॉर्ड के लिए खेलते हैं तो इस बात को भी सच माना जा सकता है कि उन्हें अपने वनडे रिकॉर्ड अभी सुरक्षित दिख रहे होंगे।
सचिन के वनडे में टॉप-10 रिकॉर्ड---
1. वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक रन-18426
2. वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक शतक-49
3. सर्वाधिक वनडे खेलने वाले खिलाड़ी-463
4. लगातार सबसे ज्यादा वनडे खेलने वाले खिलाड़ी
5. सर्वाधिक मैदानों पर खेलने वाले खिलाड़ी
6. वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी
7. एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी
8. एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक शतक लगाने वाले खिलाड़ी
9. विश्व कप में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी
10. वनडे में 10 हज़ार रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी