बीसीसीआई ने मंगलवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फेंस करके साल 2019 तक टीम इंडिया के कोच, असिस्टेंट कोच, गेंदबाजी कोच और फील्जिंग कोच सहित सपोर्ट स्टाफ की घोषणा कर दी। इस दौरान सबसे ज्यादा विवाद सीएसी द्वारा शास्त्री को टीम का हेड कोच नियुक्त किए जाने के साथ-साथ राहुल द्रविड़ को बैटिंग कंसल्टेंट और जहीर खान को गेंदबाजी कोच घोषित किया था। लेकिन अंत में सीएसी के निर्णय को दरकिनार करते हुए शास्त्री को उनकी पसंद का सपोर्ट स्टाफ दे दिया गया। जिसमें संजय बांगर को टीम इंडिया का असिस्टेंट कोच, भरत अरुण को गेंदबाजी और आर श्रीधर को फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया।
हांलाकि शास्त्री ने प्रेस कॉन्फेंस के दौरान ये भी कहा कि उन्होंने द्रविड़ और जहीर से चार दिन पहले बात की। दोनों ही बेहतरीन खिलाड़ी हैं और दोनों को टीम के साथ कंसर्न्ड अथारिटीज से बात करके जोड़ा जाएगा। दोनों के अनुभव और सलाह का फायदा टीम इंडिया के लिए उपयोगी साबित होंगे।
बुधवार को श्रीलंका दौरे पर रवाना होने से पहले कप्तान विराट कोहली और रवि शास्त्री मीडिया से मुखातिब हुए। इस दौरान जब उनसे जहीर पर भरत अरुण को वरीयता दिए जाने के मसले पर सवाल पूछा गया तो शास्त्री ने जवाब देते हुए कहा, भरत अरुण का कोचिंग का 15 साल का ट्रैक रिकॉर्ड है। उसे देखिए वो बेहतरीन है। जूनियर लेवल से लेकर अंडर-19 और जूनियर वर्ल्ड कप का भी वो हिस्सा रह चुके हैं। शास्त्री ने कहा वो खिलाड़ियों को मुझसे ज्यादा बेहतर तरीके से जानते हैं, क्योंकि वो सिस्टम में 15 साल से है । उनके टेस्ट अनुभव के बार में शास्त्री ने कहा उन्हें टेस्ट क्रिकेट खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिले यदि वो टेस्ट क्रिकेट खेलते तो उनका नाम सूची में सबसे ऊपर होता इसलिए मैं उनके बारे में कोई ज्यादा सफाई नहीं देना चाहता। वो किसमें बेहतर हैं उनकी क्या खूबियां हैं वो सबके सामने हैं।
He has immense experience and a great track record as coach, knows the team better than I do: Ravi Shastri on bowling coach Bharat Arun pic.twitter.com/ygxqHqpjup
— ANI (@ANI_news) July 19, 2017
उनके प्रदर्शन के बारे में शास्त्री ने कहा, कि उनका प्रदर्शन की उनके चयन का आधार है आप साल 2015 के विश्वकप हो ले लीजिए भारत ने 8 मैचों में 80 में से 77 विकेट हासिल किए थे। तब भरत अरुण ही टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच थे।