बांबे हाईकोर्ट के महाराष्ट्र में मई में होने वाले सभी आईपीएल मैचों को इस राज्य से दूर करने का आदेश दिया जिससे आयोजकों के सामने एक नया सिरदर्द आ गया है। जिन 13 मैचों को कहीं और शिफ्ट कराने को कहा गया है उसमें टूर्नामेंट का सबसे बड़ा मुकाबला यानी फाइनल यहीं पर 29 मई को खेला जाना था।
अब बीसीसीआई को नए आदेश के बाद महाराष्ट्र (मुंबई, नागपुर और पुणे) में में होने वाले शेष 13 मैचों का कार्यक्रम फिर से तैयार करना पड़ेगा। सबसे बड़ा सवाल अभी यही है कि फाइनल मैच कहां पर खेला जाएगा।
शुरुआती रुझान में देखा जाए तो मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम से फाइनल मैच छीनने के बाद इस रेस में बंगलुरू और कोलकाता सबसे आगे चल रहे हैं। बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के सचिव सबीर गांगुली ने कहा है कि अगर बोर्ड ईडन गार्डंस को खिताबी मैच की मेजबानी सौंपती है तो इससे बड़ी बात और क्या होगी। अगर यह मेजबानी मिलती है तो हमें काफी खुशी होंगे।
उन्होंने कहा, "हम अभी इस मामले में कुछ नहीं कहने जा रहे हैं। फाइनल के लिए हम तैयार हैं। ऐसा कौन होगा जो आईपीएल फाइनल जैसे बड़े मुकाबले की मेजबानी करने से इनकार कर देगा। कैब ने हाल ही में टी-20 वर्ल्ड कप में 2 बड़े मैचों (भारत और पाकिस्तान के बीच लीग मैच और फिर फाइनल मैच) का सफलतापूर्वक आयोजन किया था।"
अगर कोलकाता को फाइनल मैच मिलता है तो बंगलुरू को पहले क्वलीफायर मुकाबले की मेजबानी मिल सकती है। जबकि कोलकाता को इलिमिनेटर का मैच मिल सकता है।
फाइनल के लिए अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है लेकिन कोलकाता और बंगलुरू इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। किंग्स इलेवन पंजाब के 3 'घरेलू मैच' जो नागपुर में खेले जाने थे वो अब आराम से मोहाली और धर्मशाला में कराए जा सकते हैं।
जो शेष मैच होने हैं उसके लिए रांची और कटक दो ऐसे मैदान हैं जिनके पास आईपीएल मैच कराने का अनुभव है। रांची पहले धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स और कटक कोलकाता के 'घरेलू' मैदान थे। रायपुर जिसकी क्षमता 50 हजार दर्शकों वाली रही है के पास भी दिल्ली डेयरडेविल्स के 2 मैच कराने का अनुभव है, यह भी एक विकल्प हो सकता है आयोजकों के लिए। लेकिन चेन्नई के मैदान को इस लिस्ट में शामिल होने में दिक्कत हो सकती है क्योंकि वहां 3 स्टैंड जो टीएनसए के अंडर में आते हैं के टिकट नहीं बेचे जा सकते हैं।