जसप्रीत बुमराह ने अब तक कप्तानी नहीं की है और राहुल का कप्तानी रिकॉर्ड कुछ खास नहीं है। वह चार मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी कर चुके हैं और सभी में भारत को हार का सामना करना पड़ा था। वहीं आईपीएल में भी उन्होंने अपनी कप्तानी से कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ा है।
राहुल ने अब तक किया निराश
राहुल ने अपनी कप्तानी से अब तक निराश किया है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका दौरे में एक टेस्ट और तीन वनडे मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की है। ये सभी मैच भारतीय टीम हारी थी। ऐसा नहीं था कि राहुल को टीम कमजोर मिली थी या अफ्रीका के खिलाड़ी बहुत बेहतरीन लय में थे, लेकिन राहुल चारों मैचों में कप्तान के रूप में कोई प्रभाव नहीं छोड़ पाए।
आईपीएल में भी उन्होंने दो सीजन में पंजाब किंग्स की कप्तानी की है। 2020 और 2021 दोनों सीजन में पंजाब की टीम अंकतालिका में छठें स्थान पर थी। उन्होंने रणजी ट्रॉफी या लिस्ट ए क्रिकेट में कभी कप्तानी नहीं की है। ऐसे में उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करना गलत होगा।
बुमराह के पास नहीं है अनुभव
जसप्रीत बुमराह की बात करें तो उनके पास कप्तानी का कोई अनुभव नहीं है। बुमराह ने न तो घरेलू क्रिकेट और न ही आईपीएल में किसी टीम की कप्तानी की है। भारतीय क्रिकेट में गेंदबाजों को कप्तानी देने का चलन न के बराबर है। खासकर तेज गेंदबाजों को कप्तानी बहुत कम दी गई है। कपिलदेव के अलावा किसी दूसरे तेज गेंदबाज ने भारत के कप्तान के रूप में कुछ खास नहीं किया है। वहीं अनिल कुंबले भारत के आखिरी कप्तान थे, जो गेंदबाज थे और उनका रिकॉर्ड अच्छा है।
पंत हो सकते हैं बेहतर कप्तान
ऋषभ पंत भारत के भविष्य के कप्तान हो सकते हैं। 24 साल के पंत की उम्र भी अभी काफी कम है और कप्तान के रूप में उनका रिकॉर्ड बेहतर है। दिल्ली की कप्तानी करते हुए उन्होंने अपनी टीम को प्लेऑफ में पहुंचाया था। इसके अलावा वो विकेटकीपर भी हैं, जिससे फील्ड सेट करने में और गेंदबाजों से बात करने में मदद मिलती है। वो धोनी और कोहली से काफी कुछ सीख चुके हैं और रोहित भविष्य के कप्तान के रूप में उन्हें तैयार कर सकते हैं।