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कौन हैं विजय शंकर, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी ओवर फेंक बन गए जीत के हीरो

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नागपुर में मंगलवार को भारत ने अपनी 500वीं जीत दर्ज की। बेहद रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया आखिरी ओवर में जरूरी 11 रन नहीं बना पाया। यह ओवर फेंका युवा ऑलराउंडर विजय शंकर ने, पहली ही गेंद पर स्टोइनिस को आउट कर विजय ने पहले मैच बनाया और फिर जंपा को बोल्ड कर दुनिया भर में अपना नगाड़ा बाजा दिया।

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नागपुर से पहले विजय शंकर ने टीम इंडिया के लिए 5 वन-डे मैच खेले थे और इस दौरान उनकी जो पहचान बनी वह ऐसे बल्लेबाज खिलाड़ी के तौर पर बनी, जो मीडियम पेस बॉलिंग भी कर सकता है। इस मैच से पहले विजय शंकर के बॉलिंग आंकड़ों को देखें, तो वे भी प्रभावित नहीं करते।
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विजय शंकर का बॉलिंग रिकॉर्ड अब तक ऐसा खास नहीं रहा था कि फैन्स उन पर यह भरोसा कर सकें कि वह भारत को जीत दिलाएंगे। विजय ने इस मैच से पहले खेले 5 वन-डे में 19 ओवर फेंककर कोई भी मेडन नहीं फेंका था और वह 100 रन खर्च कर चुके थे। अब तक उनके खाते में कोई विकेट भी नहीं आया था। 

यह मैच शंकर के लिए यादगार बना गया है। उन्होंने बैटिंग में 46 रन की उम्दा पारी खेली थी और विराट कोहली के साथ उस वक्त एक महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई जब टीम इंडिया दबाव में थी। शंकर तब थोड़े से दुर्भाग्यशाली रहे की वह रन आउट हो गए।
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इस मैच में शंकर जब बैटिंग पर आए थे, तब टीम का स्कोर 75/3 था। आज उन्हें एमएस धोनी और केदार जाधव से पहले खेलने का मौका मिला था। विजय ने कप्तान कोहली के साथ 81रन की उपयोगी साझेदारी की थी। 41 बॉल की इस पारी में उन्होंने 5 चौके और 1 छक्का जमाया। 

इस साल में मई में होने वाले विश्व कप टीम के लिए चयनकर्ता जिन युवा खिलाड़ियों पर दांव लगा रहे थे, विजय उनमें से एक हैं। इस पारी के बाद तो विजय विश्व कप टीम में अपनी जगह के लिए मजबूती से दांव ठोकते नजर आ रहे हैं।

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विजय शंकर को सबसे पहले पिछले साल 2018 में हुई निदहास ट्रॉफी के लिए चुना गया था, जहां दिनेश कार्तिक ने आखिरी गेंद में छक्का मारकर फाइनल दिलाय था। सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे जैसे बड़े घरेलू टूर्नामेटों में अच्छा प्रदर्शन करने के एवज में उन्हें यह गिफ्ट मिला था।
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क्या है विजय शंकर की खासियत?

26 जनवरी 1991 को जन्में विजय ऑलराउंडर हैं। हार्दिक पांड्या की तरह ही वो दाएं हाथ से मीडियम तेज गेंदबाजी करते हैं और सीधे हाथ के आक्रामक बल्लेबाज हैं, इसलिए ही कप्तान विराट कोहली ने ये स्टेटमेंट दिया था कि उन्हें हार्दिक पांड्या के बैकअप के रूप में देखा जा रहा है। विजय बड़े हिट्स लगाने में माहिर हैं। विजय ने अभी तक 41 फर्स्ट क्लास मैचों में 47.70 की औसत के साथ 2099 रन बनाए हैं। लिस्ट-ए करियर को देखें तो विजय के नाम 64 मैचों में 37.53 की औसत से 1539 रन हैं। टी-20 की बात करें तो उन्होंने अभी तक 63 मैचों में की 27.33 की औसत और 128.49 के स्टाइक रेट के साथ 902 रन बनाए हैं।
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IPL करियर

पिछले साल हुई नीलामी में विजय शंकर को 3.2 करोड़ में दिल्ली डेयरडेविल्स ने खरीदा था। 13 मैच में 53 की जबरदस्त औसत से 212 रन रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 143.24 था। साल 2013 के आईपीएल में विजय शंकर को चेन्नई सुपर किंग्स ने अपनी टीम में शामिल किया था, लेकिन उस साल उनको कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला। 2014 में विजय शंकर को एक मैच के लिए प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया, लेकिन उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। उन्होंने एक ओवर की गेंदबाजी में 19 रन दिए, लेकिन कोई विकेट नहीं मिला। विजय शंकर ने आईपीएल 2017 में एक फिफ्टी भी जमाई थी। 2016 की नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद ने शंकर को अपनी टीम में शामिल किया, लेकिन प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया। साल 2017 में सनराइजर्स की ओर से विजय शंकर को 4 मैचों में खेलने का मौका मिला और उन्होंने 50.5 की औसत और 134.66 की स्ट्राइक रेट से 101 रन बनाए।
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