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Suyash Sharma Story: IPL को सुयश के रूप में मिला नया सितारा, पिता कैंसर से जूझ रहे, दिल्ली से मिली थी उपेक्षा

हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Sat, 08 Apr 2023 11:35 AM IST

सार

प्रतिभा के बावजूद 19 वर्षीय सुयश को दिल्ली से मौका नहीं मिला। पिता के कैंसर जैसी नामुराद बीमारी से जूझने के बावजूद सुयश आईपीएल टीमों के ट्रायल देते रहे। केकेआर ने उन्हें आरसीबी के खिलाफ मौका दिया और उनकी किस्मत रंग ले आई।
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सुयश शर्मा - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ सुपरजाएंट्स से खेल रहे आयुष बदोनी के बाद आईपीएल दिल्ली की एक और गुमनाम प्रतिभा को दुनिया के सामने लेकर आया है। केकेआर और आरसीबी के बीच मैच से पहले दिल्ली के भजनपुरा इलाके के रहने वाले सुयश शर्मा का नाम किसी ने भी नहीं सुना था। सुनेगा भी क्यों, आखिर सुयश ने बीसीसीआई की प्रतिस्पर्धी क्रिकेट का एक भी मैच नहीं खेला था। हालांकि, वह वीरेंद्र सहवाग, युजवेंद्र चहल के पूर्व क्लब मद्रास क्रिकेट क्लब से जरूर खेलते थे।

यहीं से सुुयश ने केकेआर के लिए ट्रायल दिया। प्रतिभा के बावजूद 19 वर्षीय सुयश को दिल्ली से मौका नहीं मिला। पिता के कैंसर जैसी नामुराद बीमारी से जूझने के बावजूद सुयश आईपीएल टीमों के ट्रायल देते रहे। केकेआर ने उन्हें आरसीबी के खिलाफ मौका दिया और उनकी किस्मत रंग ले आई।


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सुयश शर्मा - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ सुपरजाएंट्स से खेल रहे आयुष बदोनी के बाद आईपीएल दिल्ली की एक और गुमनाम प्रतिभा को दुनिया के सामने लेकर आया है। केकेआर और आरसीबी के बीच मैच से पहले दिल्ली के भजनपुरा इलाके के रहने वाले सुयश शर्मा का नाम किसी ने भी नहीं सुना था। सुनेगा भी क्यों, आखिर सुयश ने बीसीसीआई की प्रतिस्पर्धी क्रिकेट का एक भी मैच नहीं खेला था। हालांकि, वह वीरेंद्र सहवाग, युजवेंद्र चहल के पूर्व क्लब मद्रास क्रिकेट क्लब से जरूर खेलते थे।

यहीं से सुुयश ने केकेआर के लिए ट्रायल दिया। प्रतिभा के बावजूद 19 वर्षीय सुयश को दिल्ली से मौका नहीं मिला। पिता के कैंसर जैसी नामुराद बीमारी से जूझने के बावजूद सुयश आईपीएल टीमों के ट्रायल देते रहे। केकेआर ने उन्हें आरसीबी के खिलाफ मौका दिया और उनकी किस्मत रंग ले आई।

कोरोना में कोच की मृत्यु के बाद मद्रास क्लब गए
लेग ब्रेक गेंदबाज सुयश शर्मा ने आरसीबी के खिलाफ केकेआर के लिए इम्पैक्ट क्रिकेटर के तौर पर 30 रन देकर तीन विकेट लिए, जिसमें उन्होंने विकेट कीपर दिनेश कार्तिक, अनुज रावत और कर्ण शर्मा के विकेट हासिल किए। रंधीर सिंह बताते हैं कि सुयश की यात्रा आसान नहीं थी। वह दिल्ली के पूर्व क्रिकेटर सुरेश बत्रा के शिष्य थे और उन्हीं के क्लब से खेलते थे, लेकिन बत्रा जी की कोरोना में मृत्यु हो गई। इसके बाद वह मेरे पास मैच प्रैक्टिस के लिए आए। मैंने उन्हें अपने क्लब मद्रास क्लब से डीडीसीए लीग में खेलने का मौका दिया और दूसरे टूर्नामेंटों में रनस्टार क्रिकेट क्लब से खिलाया।

राहुल सांघवी ने पिता का मुंबई में कराया इलाज
निम्न मध्यमवर्ग परिवार से ताल्लुक रखने वाले सुयश के लिए अंतिम एक वर्ष काफी खराब रहा। उनके पिता को कैंसर हो गया, लेकिन पूर्व टेस्ट क्रिकेटर, दिल्ली के स्पिनर रहे और मुंबई इंडियंस के स्काउट मैनेजर राहुल सांघवी के वह जीवन भर ऋणी रहेंगे। उन्होंने सुयश के पिता के इलाज में उनकी काफी मदद की। उनका राहुल ने मुंबई में इलाज कराया। सुयश ने मुंबई इंडियंस का भी ट्रायल दिया। रंधीर कहते हैं कि सुयश क्लब क्रिकेट जरूर खेलते थे, लेकिन उन्हें यहां से एक भी पैसा नहीं मिलता था। कोलकाता, चेन्नई, मुंबई के मुकाबले दिल्ली में क्लब क्रिकेट की हालत काफी खराब है। यहां किसी को पैसा नहीं मिलता है।

लेग-ब्रेक और गुगली समान तेजी डालते हैं सुयश
सुयश का चयन अंडर-25 के सफेद प्रारूप के टूर्नामेंट के लिए हुआ। यहां पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और अंडर-25 टीम के कोच पंकज सिंह से उनकी मुलाकात हुई। पंकज बताते हैं कि उसके हाथ में गेंद को घुमानी की क्षमता थी। वह ज्यादा लंबा नहीं है, लेकिन उसकी गेंद फेंकने की तकनीकि काफी अच्छी है। वह एक्शन में बिना परिवर्तन के गुगली और लेगब्रेक समान तेजी से डालता है। यही उसकी खासियत है। ज्यादातर देखा गया है कि कलाई के स्पिनर की गुगली धीमी होती है, लेकिन सुयश ऐसा नहीं है।
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