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इन तीन दिग्गजों ने चुना टीम इंडिया का कोच, जानिए भारतीय क्रिकेट में क्या था इनका योगदान?

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 17 Aug 2019 08:21 AM IST
कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी - फोटो : सोशल मीडिया
सेमीफाइनल में हारकर टीम इंडिया जब विश्व कप 2019 से बाहर हो गई थी, तब ऐसे लग रहा था कि रवि शास्त्री का पत्ता कटना तय है। टीम को वेस्टइंडीज का दौरा करना था, इसके चलते उनका कार्यकाल 45 दिन और बढ़ा दिया गया। तभी यह महसूस होने लगा था कि रवि शास्त्री अब भी बोर्ड के चहेते उम्मीदवार हैं। हुआ भी कुछ ऐसा ही। शुक्रवार शाम रवि शास्त्री का एक बार फिर टीम इंडिया का कोच चुन लिया गया।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) ने मुख्य कोच के चयन की जिम्मेदारी कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी को दी थी। यही तीन पांच सदस्यीय चयन समिति का भी चयन करेंगे। आगे जानिए क्यों खास हैं कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी?
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कपिल देव

कपिल देव और विराट - फोटो : अमर उजाला
कपिल देव के नाम से शायद ही दुनिया का कोई क्रिकेटप्रेमी अनजान होगा। भारत को 1983 का विश्व कप दिलाने वाले कपिल का पूरा नाम कपिल देव निखंज है। अक्टूबर 1999 से अगस्त 2000 तक टीम इंडिया के कोच रह चुके कपिल ने अगस्त 2000 में मुख्य कोच के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कपिल देव वापस क्रिकेट से जुड़े और टीम के गेंदबाजी सलाहकार बने। इसके साथ ही वह दो साल के लिए राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के अध्यक्ष भी रहे। मई 2007 में कपिल देव ने इंडियन क्रिकेट लीग से नाता जोड़ा, जिसकी वजह से उन्हें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी से हटा दिया गया।

अंशुमन गायकवाड़

अंशुमन गायकवाड़
पूर्व भारतीय क्रिकेटर अंशुमान गायकवाड खुद दो बार टीम इंडिया के कोच रह चुके हैं। भारत के लिए 40 टेस्ट और 50 वनडे खेलने वाले गायकवाड ने राष्ट्रीय चयनकर्ता के तौर पर भी काम किया है, जिसके बाद उन्हें भारतीय कोच की जिम्मेदारी दी गई थी। पहली बार अक्टूबर 1998 से सितंबर 1999 तक टीम के कोच रहे थे। इसके बाद साल 2000 में कपिल देव के कोच के पद से हट जाने के बाद उन्होंने कुछ समय तक कोच का पद संभाला जिसके बाद न्यूजीलैंड के जॉन राइट टीम इंडिया के पहले विदेशी कोच रहे।

शांता रंगास्वामी

शांता रंगास्वामी - फोटो : सोशल मीडिया
31 अक्टूबर 1976 को वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू करने वालीं शांता रंगास्वामी भारतीय महिला टीम की पहली कप्तान थीं। उन्होंने कुल 16 टेस्ट मैच खेले जिसमें 12 में उन्होंने कप्तानी की थी। 15 साल के करियर में उन्होंने 19 वनडे मैच में भी खेले। साल 1976 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड दिया गया था। भारत शांता की ही कप्तानी में पहली टेस्ट सीरीज जीतने में कामयाब रहा था। बीसीसीआई की ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड पाने वाली पहली महिला खिलाड़ी रहीं शांता भारत की ओर से शतक जड़ने वाली पहली महिला क्रिकेटर भी है।
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