आयरलैंड के तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने भारत के खिलाफ पहले टी20 मैच में दमदार प्रदर्शन किया। भारतीय मूल के जय का यह डेब्यू मुकाबला था और वह अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में चमक बिखेरने में सफल रहे। आयरलैंड के इस गेंदबाज का जन्म राजस्थान में हुआ था, लेकिन उन्हें डेब्यू का मौका आयरलैंड के लिए मिला। दिलचस्प बात यह है कि जय ने पहली ही गेंद पर संजू सैमसन को बोल्ड किया।
आइए जानते हैं जय मूंदड़ा के बारे में...
कैसे आयरलैंड के लिए खेलने लगे मूंदड़ा
- जयपुर के पास स्थित छोटे से शहर टोंक में जन्मे 29 साल के मूंदड़ा ने 2021 में क्रिकेट से कुछ समय के लिए दूरी बनाई।
- वह इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए आयरलैंड चले गए।
- आयरलैंड में बसने के बाद उन्होंने डबलिन के लेनस्टर क्रिकेट क्लब के लिए खेलना शुरू किया और 2023 में आयरिश सीनियर कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे।
- मूंदड़ा लेनस्टर लाइटनिंग के लिए भी नियमित रूप से खेलते रहे हैं, लेकिन उन्हें पहली बार अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह जोश लिटिल के चोटिल होने के कारण मिली।
मूंदड़ा ने मौके का उठाया फायदा
मूंदड़ा को भारत के खिलाफ पहले टी20 मैच में खेलने का मौका मिला। उन्होंने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और 26 रन देकर दो विकेट लेने में सफल रहे। मूंदड़ा ने पहली ही गेंद पर संजू सैमसन को बोल्ड किया। इसके बाद उन्होंने शिवम दुबे का भी विकेट लिया। इस तरह आयरलैंड की ऐतिहासिक जीत में मूंदड़ा का योगदान काफी अहम रहा। मूंदड़ा ने कहा, यह मेरे लिए, मेरे परिवार के लिए और मेरी टीम के साथियों के लिए बहुत बड़ा स्टेज था। वे सभी मेरा हौसला बढ़ा रहे थे, इसलिए मैं सिर्फ शांत रहने और वही करते रहने की कोशिश कर सकता हूं जो अब तक करता आया हूं, क्योंकि उसी ने मुझे आगे बढ़ने में मदद की है।
मूंदड़ा ने कहा कि वह अपने डेब्यू को जिंदगी भर संजोकर रखेंगे। उन्होंने कहा, मैं उत्साहित भी था। भारत जैसी टीम के खिलाफ खुद को परखना और पहली ही गेंद पर विकेट हासिल करना, ऐसे में मैं खुद को ज्यादा भावुक नहीं होने देना चाहता था क्योंकि तब भी नौ विकेट लेने बाकी थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचकर भारत के खिलाफ खेलना एक सपना सच होने जैसा है। यह खास है, एक शानदार अहसास है।
भारत की हार पर दुखी, बेटे के प्रदर्शन पर मां को हुआ गर्व
जय मूंदड़ा की मां विद्या मूंदड़ा ने कहा, मुझे दुख है कि भारत हार गया, लेकिन मेरे बेटे ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और अपने परिवार, राजस्थान और देश का नाम रोशन किया। मुझे उस पर गर्व है। उसने दो विकेट लिए। जिसने भी उसे खेलते देखा, उसने हमसे कहा कि उसे क्रिकेटर बनाना चाहिए। 10वीं के बाद उसने अपनी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दिया क्योंकि उसके पिता चाहते थे कि वह पहले डिग्री ले और फिर इस पर ध्यान दे। उसने अपनी पढ़ाई पूरी की और फिर इसे आगे बढ़ाया। उसने एक अकादमी भी ज्वाइन की थी।