आईपीएल 2026 के 51वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को शुक्रवार को कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा। अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में मिली एक और हार से कप्तान अक्षर पटेल बेहद निराश नजर आए। अक्षर पटेल ने कहा कि दो से तीन ओवरों के अंदर पांच विकेट गंवाना दिल्ली कैपिटल्स की हार का मुख्य कारण रहा।
बेहद खराब रही दिल्ली की बल्लेबाजी
दिल्ली कैपिटल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में आठ विकेट खोकर 142 रन बनाए। टीम की ओर से पाथुम निसांका ने सर्वाधिक 50 रन बनाए। हालांकि, बाकी बल्लेबाज कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और टीम ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए। केकेआर ने 143 रनों के लक्ष्य को सिर्फ दो विकेट खोकर 14.2 ओवर में हासिल कर लिया। केकेआर की तरफ से फिन एलेन ने 47 गेंदों में 100 रनों की नाबाद पारी खेली, जबकि कैमरून ग्रीन 33 रन बनाकर नाबाद रहे।
अक्षर ने स्पिनरों पर फोड़ा ठीकरा
अक्षर ने इस सीजन की सातवीं हार के बाद कहा, मुझे लगता है कि हमने रन उम्मीद से कम बनाए और साथ ही स्पिनरों ने भी काफी गलतियां कीं। पिच जिस तरह से बर्ताव कर रही थी, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि स्पिनरों ने गलतियां कीं। हालांकि, इसके साथ ही अगर आप ध्यान दें, तो हमने दो-तीन ओवर में पांच विकेट गंवा दिए और मुझे लगता है कि यहीं से मुकाबला हमारे हाथ से फिसल गया। शायद हमें इस बारे में सोचने की जरूरत है क्योंकि चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के खिलाफ भी यही हुआ था, हमने अच्छी शुरुआत की थी और फिर अचानक विकेट गिरते रहे।
अक्षर ने आगे कहा, आप इसे मुश्किल तरीके से हल नहीं कर सकते। जब आशुतोष और मैं बल्लेबाजी कर रहे थे, तो हम सोच रहे थे कि अगर हमने वहां कोई गलती की तो अगले बल्लेबाज के लिए यह बहुत मुश्किल हो जाएगा। इसी वजह से मुझे लगता है कि यह सही माइंडसेट अपनाना ज्यादा जरूरी है। भले ही आप एक या दो विकेट खो दें, फिर भी आप क्रीज पर समय बिता सकते हैं और खेल सकते हैं। मुझे लगता है कि यही अपनाने की जरूरत है जब विकेट एक साथ गिर रहे हों, तो आपको एक या दो ओवर के लिए दबाव झेलना होगा।
दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ने आने वाले मुकाबलों की तैयारियों को लेकर कहा, अभी के लिए हम पीछे जाकर उन गलतियों के बारे में सोचेंगे जो हमने की है। उसके बाद, जाहिर है, अभी भी एक लंबा सफर बाकी है और अगला साल भी आएगा। हम सोचेंगे कि हम अगले साल के लिए क्या प्लान बना सकते हैं और हमें क्या तरीका अपनाना चाहिए। उसके आधार पर हम बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को भी देख सकते हैं और तय कर सकते हैं कि किसे मौके दिए जा सकते हैं और हम क्या बदलाव कर सकते हैं।