ऋषभ पंत के लिए ऑस्ट्रेलियाई दौरे की शुरूआत आसान नहीं थी। वन डे और टी-20 टीम में नहीं चुुने जाने की कसक उनके मन में थे। इस निराशा को उन्होंने अपने कोच द्रोणाचार्य अवार्डी तारक सिन्हा से भी व्यक्त किया। कोच ने उनसे यही कहा कि दुनिया खत्म नहीं हो गई है। वह टेस्ट टीम में शामिल हैं और बस वहीं अपने को साबित करके दिखाएं। पंत ने इस गुरु मंत्र को बांध लिया और टेस्ट श्रृंखला में जो करके दिखाया वह अब इतिहास है।
गाबा पर ऐतिहासिक पारी खेलने के बाद ऋषभ ने कोच सिन्हा को फोन कर कहा सर, उन्होंने टीम को जिता दिया। कोच के मुंह कुछ और नहीं आशीर्वाद के रूप में शाबाश निकला। तारक सिन्हा खुलासा करते हैं कि उन्हें पंत से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी। दौरे की शुरूआत से पहले उसका वन-डे और टी-20 टीम में नाम नहीं होने पर दिल टूटा हुआ था।