बीते महीने साउथम्पटन में खेले गए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में जब भारतीय टीम न्यूजीलैंड से फाइनल में हारी तो उसके बाद रवि शास्त्री कोच पद से हटाए जाने की मांग की गई। लोगों का मानना था कि राहुल द्रविड़ को टीम इंडिया का कोच बना देना चाहिए। वहीं अब श्रीलंका दौरे पर गई टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ हैं। जब शिखर धवन से यह पूछा गया कि शास्त्री और द्रविड़ की कोचिंग में क्या फर्क है तो उन्होंने इस बारे में बयान दिया।
श्रीलंका के खिलाफ सीरीज शुरू होने से पहले वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कप्तान शिखर धवन ने दोनों कोचों की खूबियों और अलग-अलग काबिलियत के बारे में बात की। इस दौरान धवन ने कहा, दोनों की अपनी-अपनी खूबी हैं और दोनों ही काफी सकारात्मक इनसान हैं, मैंने रवि भाई के साथ बहुत वक्त बिताया है उनके प्रोत्सहान करने का अंदाज अलग है, रवि भाई की ऊर्जा काफी जोरदार है, वहीं राहुल भाई शांत, संयमित और मजबूत हैं, हर किसी का अपना-अपना तरीका है। मुझे दोनों के नेतृत्व में खेलने में मजा आता है।
वहीं देखा जाए तो रवि शास्त्री अपने नेतृत्व में अभी तक भारत को आईसीसी स्तर की ट्रॉफी जिताने में नाकाम रहे हैं। 2015 विश्व कप, 2016 टी-20 विश्व कप, 2017 चैंपियंस ट्रॉफी, 2019 वर्ल्ड कप और 2021 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप उनके रहते भारत हार चुका है। ऐसे में कहा जा सकता है कि रवि शास्त्री के पद को खतरा है। कोच के तौर पर उनका कार्यकाल टी-20 विश्व कप 2021 तक के लिए है। अगर इस बार भी वह भारत को विश्व कप जिताने में नाकाम रहे तो बीसीसीआई शायद ही उनका कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने के बारे में सोचे।