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'BazBall' Effect: क्या है 'बैज बॉल' इफेक्ट, जिसकी वजह से हारी टीम इंडिया, यहां समझें पूरी कहानी

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: स्वप्निल शशांक Updated Wed, 06 Jul 2022 11:20 PM IST

सार

इंग्लैंड क्रिकेट टीम की नई रणनीति को 'बैज बॉल' इफेक्ट कहा गया है। बैज शब्द इस वजह से भी चर्चाओं में आया, क्योंकि इंग्लैंड के नए कोच ब्रैंडन मैकुलम का निक नेम बैज है।
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बैज बॉल की रणनीति - फोटो : अमर उजाला
इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया की हार के बाद से एक शब्द जो काफी चर्चाओं में है, वह है 'बैज बॉल'। इंग्लिश क्रिकेट में इस शब्द को लेकर तरह तरह की बातें हो रही हैं। दरअसल, न्यूजीलैंड सीरीज से पहले तक इंग्लैंड की टीम का प्रदर्शन बेहद खराब था। इसकी वजह से तब कप्तान जो रूट तक को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके साथ ही कोच क्रिस सिल्वरवुड को भी उनके पद से हटा दिया गया।
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बैज बॉल की रणनीति - फोटो : अमर उजाला
इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया की हार के बाद से एक शब्द जो काफी चर्चाओं में है, वह है 'बैज बॉल'। इंग्लिश क्रिकेट में इस शब्द को लेकर तरह तरह की बातें हो रही हैं। दरअसल, न्यूजीलैंड सीरीज से पहले तक इंग्लैंड की टीम का प्रदर्शन बेहद खराब था। इसकी वजह से तब कप्तान जो रूट तक को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके साथ ही कोच क्रिस सिल्वरवुड को भी उनके पद से हटा दिया गया।

12 मई को इंग्लैंड क्रिकेट में हुआ बदलाव

12 मई, 2022 का दिन इंग्लैंड के लिए बदलाव लेकर आया और न्यूजीलैंड के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज ब्रैंडन मैकुलम को इंग्लैंड की टेस्ट टीम का नया कोच नियुक्त किया गया। इसके बाद दो जून से इंग्लैंड-न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत हुई और यह तीनों टेस्ट इंग्लैंड ने चेज करते हुए जीता। खास बात यह रही कि तीनों टेस्ट में इंग्लैंड ने चौथी पारी में 250 से ज्यादा का टारगेट आसानी से चेज किया।

क्या है बैज बॉल?

बैज बॉल की रणनीति - फोटो : अमर उजाला
इसी के बाद 'बैज बॉल' की चर्चाएं होने लगीं। भारत के खिलाए इंग्लैंड के ऐतिहासिक 378 रन के चेज के बाद तो यह शब्द और प्रसिद्ध हो गया। दरअसल, इंग्लैंड क्रिकेट टीम की नई रणनीति को  'बैज बॉल' इफेक्ट कहा गया है। इफेक्ट का मतलब है असर। यानी 'बैज बॉल' स्ट्रैटजी से इंग्लैंड की टीम पर हुआ असर। बैज शब्द इस वजह से भी चर्चाओं में आया क्योंकि इंग्लैंड के नए कोच ब्रैंडन मैकुलम का निक नेम बैज है। 

कोच मैकुलम ने क्या कहा था?

मैकुलम ने कोच बनते ही कहा था कि इंग्लैंड की टीम अब अधिक आक्रामक होकर खेलेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि इंग्लिश टीम चौथी पारी में कितना भी बड़ा स्कोर हो, उसे डिफेंड करने की जगह चेज करने के लिए खेलेगी। इसी रणनीति को बैज बॉल कहा गया। इंग्लैंड की यह नई रणनीति कारगर साबित हुई और टीम ने लगातार चार मैच जीत लिए हैं। चारो मैचों में इंग्लैंड ने पांचवें दिन जैसी मुश्किल परिस्थिति में 275 प्लस रन का स्कोर चेज किया।

न्यूजीलैंड के खिलाफ चेज कर जीत हासिल की

इंग्लैंड ने इसी रणनीति पर चलते हुए न्यूजीलैंड का 3-0 से क्लीन स्वीप किया। पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने चौथी पारी में पांच विकेट पर 279 रन बनाए और जीत हासिल की। वहीं, दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने कीवी टीम के खिलाफ पांच विकेट पर 299 रन बनाए और जीत दर्ज की। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 296 रन बनाकर मैच जीत लिया।

भारत के खिलाफ इंग्लैंड ने रचा इतिहास

बैज बॉल से इंग्लैंड को मिली सफलता - फोटो : अमर उजाला
भारत के खिलाफ बर्मिंघम टेस्ट में भी इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। टॉस के वक्त इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने कहा था कि उनकी टीम चौथी पारी में कोई भी स्कोर चेज करने का माद्दा रखती है, इसलिए उन्होंने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया है। पहले गेंदबाजी का फैसला इंग्लैंड ने इस लिए लिया ताकि उसे चौथी पारी में चेज करने का मौका मिले। उन्होंने 378 रन चेज कर यह साबित भी कर दिखाया। 

बेयरस्टो और रूट की वजह से इंग्लैंड ने जीते टेस्ट

यह इंग्लैंड का टेस्ट में सबसे बड़ा रन चेज है। वहीं, टेस्ट का यहा आठवां सबसे बड़ा रन चेज रहा। तीन विकेट गिरने के बावजूद जो रूट और जॉनी बेयरस्टो ने बेहतरीन पारी खेल इंग्लैंड की टीम को जीत दिलाई। इस 'बैज बॉल' की रणनीति में इंग्लैंड के लिए बेयरस्टो और रूट ही सबसे बड़े गेम चेंजर साबित हुए हैं। बीच के ओवरों में इन दोनों ने खूब रन निकाले हैं।

क्या कहते हैं आंकड़े?

आंकड़ों की बात करें तो फरवरी 2021 से लेकर मई 2022 तक इंग्लैंड की टीम ने कुल 18 टेस्ट खेले, जिसमें उन्हें सिर्फ दो टेस्ट में जीत मिली। कोच मैकुलम के आने के बाद से इंग्लैंड ने चार टेस्ट खेले हैं और चारों में जीत हासिल की है। हालांकि, 2021-2023 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में इन जीतों का खास असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि इंग्लैंड की टीम लगभग फाइनल की रेस से बाहर हो चुकी है। हां, इस 'बैज बॉल' ने दूसरी टीमों को जरूर जीत और आक्रामक होने का नजरिया दे दिया है।
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