पाकिस्तान का सफर चैंपियंस ट्रॉफी में समाप्त हो चुका है। टीम ग्रुप चरण के आखिरी मुकाबले में गुरुवार को बांग्लादेश के खिलाफ उतरेगी। पाकिस्तान का प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में खराब रहा और वह सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। पाकिस्तान के अंतरिम मुख्य कोच और राष्ट्रीय चयनकर्ता आकिब जावेद ने बताया कि टीम पर किस चीज का असर पड़ा।
सईम-जमां की अनुपस्थिति ने प्रभावित किया
आकिब ने बांग्लादेश के खिलाफ मैच से पहले बुधवार को कहा कि सईम अयूब और फखर जमां के चोटिल होने के कारण बाहर हो जाने से चैंपियंस ट्रॉफी में राष्ट्रीय टीम के अभियान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। आकिब ने कहा कि सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने के बावजूद टीम अपने अभियान का जीत के साथ अंत करने के लिए प्रतिबद्ध है। आकिब ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम के चयन का भी बचाव किया और कहा कि सर्वश्रेष्ठ उपलब्ध खिलाड़ियों को चुना गया। चयनित टीम को लेकर टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा है।
आकिब ने कहा, खिलाड़ियों में प्रेरणा की कमी को लेकर कोई चिंता नहीं है। हमारे कुछ महत्वपूर्ण खिलाड़ी चोटिल होने के कारण नहीं खेल पा रहे थे। उदाहरण के लिए, अयूब और फखर जैसे खिलाड़ी मैचों में सकारात्मक प्रभाव पैदा करते हैं। जब वे अनुपलब्ध होते हैं, तो हमें उसके अनुसार टीम का चयन करना होता है। भारत और पाकिस्तान के मैच को कई कारक प्रभावित करते हैं और जहां प्रशंसक भावनात्मक रूप से आहत होते हैं, वहीं खिलाड़ी और भी अधिक आहत, निराश और परेशान महसूस करते हैं।
पाकिस्तान ने बनाया अनचाहा रिकॉर्ड
पाकिस्तान ने कुछ अनचाहे रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। 2009 के बाद यह पहली बार है जब चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबान टीम ग्रुप चरण से ही बाहर हो गई। आखिरी बार ऐसा दक्षिण अफ्रीका के साथ हुआ था जब टीम ने तीन में से दो मैच हारे और एक में उसे जीत मिली थी। दक्षिण अफ्रीका की टीम उस वक्त ग्रुप में सबसे नीचे रही थी। इतना ही नहीं पाकिस्तान ऐसी चौथी टीम है जो चैंपियंस ट्रॉफी में खिताब का बचाव करने उतरी, लेकिन ग्रुप चरण में ही बाहर हो गई। पहली बार ऐसा 2004 में हुआ जब भारत और श्रीलंका ग्रुप चरण में ही बाहर हो गई थी। भारत और श्रीलंका 2002 में इस टूर्नामेंट के संयुक्त विजेता बने थे। आखिरी बार 2013 में ऐसा हुआ था जब गत चैंपियन टीम ग्रुप चरण में बाहर हो गई थी। उस वक्त ऑस्ट्रेलिया कोई मैच नहीं जीत सकी थी।