ब्रिसबेन टेस्ट मैच का पहला दिन निश्वित तौर पर भारतीय बल्लेबाजों के नाम रहा। लेकिन दूसरा और तीसरा दिन ऑस्ट्रेलिया के पाले में चला गया, खासकर उनके गेंदबाजों के। हालांकि दूसरे दिन के अंतिम सत्र में भारतीय गेंदबाजों ने टीम की पकड़ मैच पर कसने का मौका दे दिया।
तीसरे दिन की शुरुआत करने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज जब क्रीज पर आए तो उन्हें जल्द ही दोहरा झटका लगा लेकिन पुछल्ले बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को खूब परेशान किया। ऑस्ट्रेलिया के 6 विकेट 247 रन पर ही गिर चुके थे। इस बीच संघर्ष कर रही मेजबान टीम को सातवें विकेट के लिए कप्तान स्टीवन स्मिथ और मिचेल जॉनसन के बीच हुई 147 रनों की साझेदारी ने मजबूत स्थिति में ला दिया। फिर नौंवें और 10वें विकेट के लिए भी अर्धशतकीय साझेदारी हुई।
आठवें नंबर पर आए मिचेल जॉनसन ने 88 रन बनाए। फिर नौंवें नंबर के बल्लेबाज मिचेल स्टॉर्क ने 52 रनों की पारी खेली, साथ ही नौंवें और 10वें विकेट के लिए 50 से ज्यादा रनों की साझेदारी की। 10वें नंबर के बल्लेबाज नाथन ल्योन ने तेजी से 23 रन बनाए जबकि पहला टेस्ट खेल रहे जोश हैजलुवड 32 रन बनाकर नाबाद लौटे। अंतिम जोड़ी ने अपनी टीम के लिए 51 रनों की साझेदारी की। टी-ब्रेक के बाद यह जोड़ी सिर्फ 2 रन ही जोड़ पाई कि अश्विन ने स्टॉर्क को बोल्ड कर ऑस्ट्रेलिया की पारी 505 रनों पर समेट दी।
लेकिन ऑस्ट्रेलिया की पारी खत्म होते ही मैच में एक अनोखा संयोग बन गया। और यह संयोग है दोनों टीमों एक बराबर ओवर खेलना। भारत की पहली पारी 408 रनों पर सिमटी थी और उसने 109.4 ओवर खेले। इत्तेफाक से ऑस्ट्रेलिया ने भी 109.4 ओवर ही खेले लेकिन उसने भारत से 97 रन ज्यादा बनाए।