विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारतीय टीम की हार के बाद टीम के रवैये को लेकर काफी चर्चा हो रही है। कई दिग्गजों ने भारतीय टीम, खिलाड़ियों और बीसीसीआई को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस बीच वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटर और पूर्व तेज गेंदबाज ऐंडी रॉबर्ट्स ने भारतीय टीम को अहंकारी बताया है। ऐंडी रॉबर्ट्स का यह मानना है कि भारत अपने प्रदर्शन को लेकर व्यवहारिक तौर पर काफी अभिमान और जरुरत से ज्यादा आत्मविश्वास दिखा रहा है। आईपीएल बनाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मसले पर उन्होंने कहा कि चर्चा अभी खत्म नहीं होने वाली है। उनका मानना है कि भारत को अपनी प्राथमिकताओं के ध्यान में रखकर उन पर काम करना होगा।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के सामने ताश के पत्तों की तरह ढह गई थी और 209 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई थी। आईसीसी टूर्नामेंट में भारत का निराशाजनक प्रदर्शन साल 2013 में चैंपियंस ट्ऱॉफी के बाद से जारी रहा है। भारत ने कुल आईसीसी टूर्नामेंट जीतने के आठ बड़े मौके गंवाए हैं, जिसमें दो विश्व कप फाइनल भी शामिल हैं। ऐसी टीम जिसमें विश्व क्रिकेट के बड़े नाम शुमार हैं लेकिन बड़े से बड़ा दिग्गज भी आईसीसी टूर्नामेंट ना जीत पाने की इस पहेली को सुलझाले में असफल रहा है।
भारतीय टीम को लेकर ऐंडी रॉबर्टस ने कहा "भारतीय टीम के अंदर अभिमान की भावना आ चुकी है, जिसकी वजह से भारत बाकी अंतरराष्ट्रीय टीम को कम समझता है, उनका कम आंकलन करता है। भारत को यह फैसला लेना होगा की उनकी प्राथमिकता टेस्ट क्रिकेट है या सीमित ओवर क्रिकेट, टी20 तो चलता ही रहेगा। वहां बल्ले और गेंद का कोई मुकाबला नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा "मुझे भारत से आशा थी की वह अपनी बल्लेबाजी की ताकत दिखाएंगे, लेकिन फाइनल में मुझे ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला, हां अजिंक्य रहाणे ने अच्छा मुकाबला किया, उनके हाथ पर चोट लगी हुई थी तब भी। शुभमन गिल अच्छे लगते हैं जब वह वैसे शॉट्स खेलते हैं लेकिन वो लेग स्टंप पर खड़े होते हैं, जिससे वह ज्यादातर बोल्ड होते हैं या विकेटकीपर को कैच थमा देते हैं। उनके हाथ अच्छे चलते हैं लेकिन उन्हें गेंद के पीछे आना चाहिए। पहली पारी में विराट कोहली भले ही स्टार्क की गेंद पर आउट हो गए हों, लेकिन मैं आपको याद दिला दूं की भारत के पास सही में कुछ बेहतरीन खिलाड़ी हैं लेकिन, उन्होंने भारत के बाहर कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया है। जैसे ही ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 469 का बड़ा स्कोर का लक्ष्य रखा, मजबूरी में भारत को आक्रामकता के साथ खेलना पड़ा। भारत पर दबाव और बढ़ गया जब वह पहली पारी में केवल 296 रन ही बना सकी। चौथी पारी में ओवल के मैदान पर 444 रन के एतिहासिक लक्ष्य का पीछा करते हुए, कुछ आशा की किरण नजर आई थी जब विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे बल्लेबाजी कर रहे थे और चौथे दिन के खत्म होने तक भारत का स्कोर 164 रन था। पर जैसे कि कहा जाता है बुरी आदतें इतनी आसानी से नहीं जाती, टीम ऑल आउट हो गई, कैसे। पहले सत्र में ही सात विकेट खोकर केवल 70 रन बनाकर भारत ने खुद से मैच को ऑस्ट्रेलिया की झोली में डाल दिया था।"
रॉबर्टस ने कहा "ऐसा कई बार हुआ है कि भारत बिना लड़े ही मैच हार गया है। आप 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल देखें, 2019 का विश्व कप सेमीफाइनल, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल 2021 या फिर 2022 में ऑस्ट्रेलिया में टी20 विश्व कप।"
जब चौथी पारी में भारत सबसे ज्यादा सफल रन चेज का लक्ष्य मिला तभी रॉबर्ट्स को समझ आ गया था कि भारत के जीतने की कोई उम्मीद ही नहीं हैं। रॉबर्ट्स ने कहा- मैं ऐसी कोई आशाएं नहीं रखता, मुझे पता था भारत मैच हारने वाला है। भारत की बल्लेबाजी दोनों ही पारियों में काफी खराब थी।