वर्ल्ड कप से पहले दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर गई वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने टेस्ट सीरीज गंवाने के बाद मेजबान टीम से ट्वंटी-20 सीरीज पर कब्जा जमा लिया था। लेकिन उसका यह प्रदर्शन वनडे सीरीज में जारी नहीं रह सका और उसने 5 मैचों की सीरीज शुरुआती 3 मैच हारकर गंवा दिया।
वनडे सीरीज में 0-3 से पिछड़ने के बाद विंडीज टीम के सामने अंतिम 2 मैचों से अपने 9 साल के लंबे इंतजार को खत्म करने की चुनौती थी। विंडीज वर्ल्ड कप से पहले अपना यह इंतजार हर हाल में खत्म करना चाहती थी।
पिछले 9 साल से कैरेबियाई टीम वनडे क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका को एक बार भी नहीं हरा सकी थी। उसने आखिरी बार इस अफ्रीकी टीम को 2006 में जयपुर में हराया था। इसके बाद से दोनों के बीच अब तक 16 मुकाबले हुए जिसमें उसे 15 में हार मिली और एक मुकाबला टाई पर खत्म हुआ।
इस जीत के बाद सीरीज में स्कोर 3-1 का हो गया है। वेस्टइंडीज कम से कम बढ़े हुए उत्साह के साथ वर्ल्ड कप में उतर सकता है।
9 गेंद शेष रहते 9 विकेट खोकर जीता मैच
दक्षिण अफ्रीका को 9 साल के लंबे इंतजार के बाद वनडे में हराने वाली वेस्टइंडीज टीम जयपुर वनडे और पोर्ट एलिजाबेथ वनडे में एक दिलचस्प समानता दिखी। विंडीज टीम ने जयपुर वनडे में 262 रनों के लक्ष्य का पीछा सफलतापूर्वक किया था। इस बार भी अफ्रीकी टीम ने 262 रन बनाए। मेहमान टीम ने यह लक्ष्य 9 गेंद शेष रहते हासिल कर एक विकेट से जीत लिया।
दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट पर 262 रन बनाए, जिसके जवाब में विंडीज टीम ने 48.3 ओवर में 9 विकेट खोकर 266 रन बनाकर मैच जीत लिया।
पोर्ट एलिजाबेथ के सेंट जॉर्ज पार्क में खेले गए मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफ्रीकी टीम की शुरुआत खराब रही और उसने 32 रन पर 3 विकेट (रीले रोसोउ 4, फैफ डु प्लेसिस 4 और मोर्ने वान विक 18) गंवा दिए। कप्तान एबी डीविलियर्स भी नहीं चले और 19 रन बनाकर आउट हो गए।
हालांकि डेविड मिलर का बल्ला चल निकला और अकेले अपने दम पर टीम को संभालते हुए स्कोर 262 तक पहुंचा दिया। 122 गेंदों में शतक लगाने वाले मिलर अक तक नाबाद रहे और 133 गेंदों में 130 रनों की अविजित पारी खेल डाली। उन्होंने 11 चौके के अलावा 3 छक्के भी लगाए। जबकि जेपी डुमिनी 43 रन बनाकर आउट हुए।
विंडीज टीम की ओर से कप्तान और तेज गेंदबाज जेसन होल्डर ने 4, शेल्डन कोर्ट्रेल ने 2 विकेट झटके। 2 अन्य गेंदबाजों को एक-एक सफलता हाथ लगी।
रसेल की रिकॉर्डतोड़ पारी ने दिलाई विंडीज को जीत
सीरीज गंवाने के बाद 9 साल के लंबे इंतजार को खत्म करने के लिए मैदान पर उतरी विंडीज टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने पहले ही ओवर में खाता खोले बगैर ही ड्वेन स्मिथ का विकेट गंवा दिया। इसके बाद 50 रन से पहले क्रिस गेल (10), लियोन जॉनसन (18) और दिनेश रामदीन (3) के भी विकेट गिर गए।
हालांकि मध्य क्रम में मार्लोन सैमुअल्स (68), डेरेन सैमी (51) और आंद्रे रसेल (नाबाद 64) ने उपयोगी योगदान देकर टीम को लक्ष्य के पार पहुंचा ही दिया। खासकर रसेल ने शानदार खेल दिखाया। एक विकेट लेने वाले रसेल ने सिर्फ 40 गेंदों में 5 चौके और 5 छक्के की मदद से नाबाद 64 रनों की पारी खेलकर टीम के लिए इतिहास ही रच दिया।
खाता खोले बगैर आउट होने वाले विंडीज टीम के ओपनर स्मिथ 100 या उससे कम वनडे मैच में सबसे ज्यादा शून्य पर आउट होने के मामले दूसरे स्थान पर आ गए हैं। वह 98 वनडे मैच में 13वीं बार शून्य पर आउट हुए हैं। जबकि पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान बट के नाम 78 वनडे मैचों में 15 बार शून्य पर होने का रिकॉर्ड है।
वहीं आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए रसेल ने नाबाद 64 रनों की पारी खेलकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी पारी खेली है।
इस जीत के 9 का एक और अनोखा संयोग विंडीज टीम की ओर से बना। विंडीज की ओर से मैच में कुल 11 छक्के लगे जिसमें 9 छक्के उन 3 बल्लेबाजों (सैमुअल्स 2, सैमी 2 और रसेल 5 छक्के) ने लगाए जिन्होंने अर्धशतक जमाए।