4 जून को चैंपियंस ट्रॉफी में भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले से पहले विराट कोहली ने बर्मिंघम में प्रेस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान को हलके में नहीं लेंगे। यह मैच हमारे लिए दूसरे मैचों जैसा ही है। विराट की प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य अंश...
विज्ञापन
मेरे और कुंबले के बीच कोई मतभेद नहीं
ड्रेसिंग रुम का हिस्सा बने बगैर बहुत से लोग कई तरह की अफवाहें उड़ा रहे हैं। हमारे बीच किसी तरह की लड़ाई नहीं है। यदि कुछ प्रक्रिया का हिस्सा हो तो कुछ लोग इसके बारे में पता नहीं क्यों अफवाह उड़ा रहे हैं। यही प्रक्रिया पिछली बार भी कोच के चुनाव में लागू की गई थी लेकिन तब भी मैंने कुछ नहीं कहा। 12 महीने बाद फिर से वही प्रक्रिया अपनाई जा रही है। किसी के भी बीच कोई विवाद नहीं है टीम का ध्यान पूरी तरह चैंपियंस ट्रॉफी पर केंद्रित है। मैं इस तरह की कोई बात जानना ही नहीं चाहता।
इतने बड़े टूर्मामेंट में आपको पूरी तरह ध्यान केंद्रित करना होता है कई लोग आपका ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की अफवाह उड़ाते हैं। खासकर टूर्मामेंट की शुरुआत में। वो अपना काम कर रहे हैं और हम अपना। यदि कोई इसका हिस्सा है तो उसे दूर बैठकर किसी चीज की आशंका नहीं जताना चाहिए।
विज्ञापन
पाकिस्तान को कम नहीं आंकेंगे, अपने प्रदर्शन से चौंका सकती है
पाकिस्तानी क्रिकेट टीम
- फोटो : icc
पाकिस्तान एक टीम के रूप में आपको चौंका सकती है। हम उनके खिलाफ कम खेलते हैं लेकिन आप उनकी क्षमताओं के बारे में कम जानते हैं। ऐसे में आप इस बात से वाकिफ नहीं हैं कि किस परिस्थिति में वो किस तरह की प्रतिक्रिया देते हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में आप अपनी स्किल्स पर भरोसा करते हैं। एक टीम के रूप में भी आपको ऐेसा ही करना चाहिए। कुछ लोग व्यक्तिगत रूप से गेंदबाजों के वीडियो देखते हैं कुछ नहीं देखते, मैं व्यक्तिगत तौर पर ऐसा नहीं करता।
यदि क्रिकेट में गेंद फेंकी जाती है तो आपको इस काबिल होना चाहिए कि उसका सामना कर सकें। चाहे वह गेंद किसी ऐसे गेंदबाज द्वारा फेंकी गई हो जिसका सामना आप नियमित रूप से करते रहे हों या नहीं। आपको इसे एक बड़ी चुनौती के रूप में लेना चाहिए कि जिस तरह की गेंदबाजी का सामना आप आमतौर पर नहीं करते हैं उसका सामना कैसे करेंगे। आपको खुद को उस गेंदबाजी आक्रमण के सामने परखना चाहिए। ऐसे में मैं जल्दी बल्लेबाजी करने आना चाहता हूं और यह परखना चाहता हूं कि मैं उनके सामने कितना बेहतर हूं।
आप उनके साथ ज्यादा नहीं खेलते हैं। वह एक ऐसी टीम है जो जिस दिन अच्छा खेलती है उस दिन किसी भी टीम को चौंका सकती है। ऐेसे में हम उन्हें हलके में नहीं लेंगे। वो जिस तरह गेंदबाजी और बल्लेबाजी करते हैं उससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यदि आप अच्छी क्रिकेट खेलते हैं तो इससे फर्क नहीं पड़ता कि आपके सामने कौन सी टीम है। आपको जीतने के लिए अच्छी क्रिकेट खेलनी होगी। इस पर हमें ध्यान देना चाहिए।
हार्दिक पांड्या को मिल सकती है अंतिम 11 में जगह
हार्दिक पांड्या
- फोटो : getty
किसे खिलाएं! ये मेरे दिमाग में पिछले कुछ दिनों से है। पिच मैंने अभी देखी नहीं है। सभी तरह की संभावनाएं बनी हुई हैं। हार्दिक को यदि ऑलराउंडर की तरह टीम में शामिल करते हैं तो केवल 4 गेंदबाजों को चुना जा सकता है। पिच और विरोधी टीम के अनुसार हम गेंदबाजों का चयन करेंगे। सभी गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। टीम संतुलित लग रही है। टीम का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। इसकी झलक अभ्यास मैचों में भी दिखाई दी जहां हम पूरी ऊर्जा के साथ खेले। एक कप्तान के रूप में ऐसा देखकर अच्छा लगता है।
जीतना मेरी आदत, कप्तानी का दबाव नहीं
virat kohli
मेरे लिए हर मैच इम्पॉर्टेंट होता है। मैं हर मैच को उतने ही ध्यान के साथ खेलता हूं। भले यह आईसीसी टूर्नामेंट हो या सामान्य मैच मेरी सोच में कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं इसे हैंडल नहीं करूंगा। मैं वैसी क्रिकेट ही खेलूंगा जैसी खेलता हूं। मैं मैदान पर कप्तान हूं। मैदान के बाहर जब मैं अपनी निजी जीवन में होता हूं तब मैं इन सभी चीजों से दूर होना पसंद करता हूं। जैसा कोई भी आम इंसान करना पसंद करता है। मैं अपने ऊपर ज्यादा दबाव नहीं रखता। जरूरत के समय खुद को स्वित ऑफ और स्विच ऑन करना बेहद जरूरी है। देश के लिए खेलना और मैच जीतना शुरुआत से मेरी आदत में है, मेरे कप्तान होने से यह बदला नहीं है।
मैं जब कप्तान नहीं था तब भी गैर जिम्मेदारी से नहीं खेलता था। इसलिए इस मैच के लिए मुझे कुछ ज्यादा करने की जरूरत नहीं है। एक कप्तान के रूप में मुझे कुछ ज्यादा करने की जरूरत महसूस नहीं होती। मेरी बैटिंग हमेशा एक जैसी रहती है कप्तानी आपको मैदान में ज्यादा जिम्मेदारी देती है। आप अपने खिलाड़ियों को मैदान के अंदर और बाहर मैनेज करते हैं यह एक कला है। यह जानना बेहद जरूरी है। मैं खुद पर दबाव बनाने से ज्यादा इस बात पर ध्यान देता हूं। मैं इस बात का ख्याल करता हूं कि सारे खिलाड़ी अच्छे माइंडसेट के साथ मैदान पर उतरे और अपनी क्षमता पर विश्वास करे।