भारतीय क्रिकेट टीम अगस्त में दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेगी, इस खबर को आए अभी 24 घंटे भी नहीं गुजरे थे कि अब कहानी में नया मोड़ आ चुका है। बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरूण धूमल ने क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) के दावे को नकारते हुए कहा कि बोर्ड ने अगस्त में दक्षिण अफ्रीका का दौरा करने को लेकर कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है, सिर्फ इसकी संभावनाओं पर चर्चा हुई है।
सीएसए के निदेशक ग्रीम स्मिथ और कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी जॉक फॉल ने गुरूवार को कहा था बीसीसीआई ने तीन मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए हामी भर दी है, लेकिन धूमल ने उनकी बातों को नकार दिया।
धूमल ने पीटीआई से कहा, 'कोरोना वायरस संक्रमण के कारण जब दक्षिण अफ्रीका का भारत दौरा रद्द हो गया, तो हमने कहा था कि भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका का दौरा करने का प्रयास करेगी। हमने हालांकि कभी भी अगस्त में दौरा करने को लेकर कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई थी।'
बीसीसीआई के इस वरिष्ठ पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार अंतरराष्ट्रीय यात्रा को मंजूरी नहीं देती, बीसीसीआई किसी भी देश से प्रतिबद्धता करने की स्थिति में नहीं होगा। धूमल ने कहा, 'अभी, हम यह भी नहीं कर सकते हैं कि हम जुलाई में श्रीलंका और फिर जिम्बाब्वे (टी-20 श्रृंखला) के लिए टीम भेज सकते है या नहीं। यह दोनों दौरे हमारे एफटीपी कार्यक्रम का हिस्सा हैं। हमें अभी यह भी नहीं पता है कि दो महीने बाद स्थिति क्या होगी। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर कैसे प्रतिबद्ध हो सकते हैं?'
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 25 मई से घरेलू उड़ान शुरू हाने की घोषणा कर दी है। धूमल ने कहा कि बोर्ड राष्ट्रीय शिविर के लिए सुरक्षित स्थान का विकल्प तलाश सकता है। अगर बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में इसे आयोजित नहीं किया जा सकता तो धर्मशाला अच्छा विकल्प हो सकता है। धर्मशाला में इंडोर स्टेडियम की भी सुविधा है।
उन्होंने कहा, 'चूकिं यह मेरा राज्य संघ है, ऐसे में मैं इसकी पैरवी नहीं कर सकता । लेकिन विकल्पों की तलाश के बाद अगर बीसीसीआई को लगता है कि धर्मशाला में शिविर हो सकता है तो हम हर तरह के इंतजाम के लिए तैयार हैं। यहां तक की जिस 'पेवेलियन' होटल में भारतीय टीम रूकती है वह भी एचपीसीए (हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ) का हिस्सा है।