सार
पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर ने कहा है कि विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के दौरान इस बात से नाराज थे कि पूरे मामले को किस तरह संभाला गया। जाफर के मुताबिक, कोहली इंग्लैंड दौरे की तैयारी कर रहे थे और टेस्ट क्रिकेट में आगे भी खेल सकते थे।
विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले ने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया था। अब भारत के पूर्व क्रिकेटर वसीम जाफर ने दावा किया है कि कोहली इस बात से नाराज थे कि उनके टेस्ट करियर के अंत से जुड़े घटनाक्रम को किस तरह संभाला गया। जाफर का मानना है कि कोहली अभी टेस्ट क्रिकेट में और खेल सकते थे और उनके जैसे बड़े खिलाड़ी के मामले को बेहतर तरीके से संभाला जाना चाहिए था। विराट कोहली ने 12 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। उन्होंने 14 साल के अपने टेस्ट करियर में 123 मुकाबले खेले और 9230 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 30 शतक निकले।
'विराट इस बात से थोड़े नाराज थे कि चीजों को कैसे संभाला गया'
वसीम जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कोहली के संन्यास और उससे जुड़े घटनाक्रम पर बात की। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था कि विराट इस बात से नाराज थे कि पूरे मामले को किस तरह संभाला गया। जाफर ने कहा, 'हां, बिल्कुल। ऐसा लग रहा था कि विराट इस बात से थोड़े नाराज थे कि चीजों को किस तरह संभाला गया। विराट जैसे खिलाड़ी स्टेडियम में दर्शकों को खींचते हैं और उनकी लोकप्रियता बहुत ज्यादा है। वह निश्चित रूप से और टेस्ट क्रिकेट खेल सकते थे। जब तक विराट खुद यह नहीं बताते कि वास्तव में क्या हुआ था, तब तक हमें पूरी सच्चाई पता नहीं चल सकती।'
विराट कोहली
- फोटो : ANI
इंग्लैंड दौरे की तैयारी कर रहे थे कोहली
- विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास से पहले उनके भविष्य को लेकर काफी समय तक असमंजस बना हुआ था। वह इंग्लैंड दौरे पर जाना चाहते थे और टेस्ट क्रिकेट में खेलना जारी रखने के इच्छुक थे। जनवरी 2025 में उन्होंने दिल्ली की ओर से रणजी ट्रॉफी का मुकाबला भी खेला था, जिसे लाल गेंद के क्रिकेट के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के तौर पर देखा गया।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल 2025 में स्थिति बदल गई। चयनकर्ताओं ने कोहली को बताया कि टीम प्रबंधन इंग्लैंड दौरे के लिए युवा कप्तान को समर्थन देना चाहता है। साथ ही, उन्हें यह भी बताया गया कि टीम में उनकी जगह का फैसला दूसरे बल्लेबाजों की तरह उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।
- बताया जाता है कि इससे कोहली निराश हो गए और उन्होंने चयनकर्ताओं को इंग्लैंड दौरे का हिस्सा नहीं बनने की जानकारी दी। उनके करीबी लोगों और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कुछ अधिकारियों ने उन्हें अपना फैसला बदलने के लिए मनाने की कोशिश भी की, लेकिन ये प्रयास सफल नहीं हुए। हालांकि, इन घटनाक्रमों को लेकर कोहली की ओर से पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
'इन मामलों को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था'
वसीम जाफर ने कहा कि कोहली इंग्लैंड दौरे की तैयारी कर रहे थे। ऐसे में उनके संन्यास के आसपास की परिस्थितियों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, 'वह तैयारी कर रहे थे और इंग्लैंड दौरे के लिए खुद को तैयार कर रहे थे। इसलिए इन सभी चीजों को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था। मेरा मानना है कि कुछ लोगों से जुड़े मामलों को भी बेहतर ढंग से सुलझाया जा सकता था।' जाफर के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट में कुछ बड़े फैसले लिए गए, जिनमें से कई सफल रहे, लेकिन कुछ फैसलों से खिलाड़ी और प्रशंसक निराश भी हुए। उन्होंने माना कि फैसले लेने के साथ-साथ उन्हें लागू करने और संबंधित खिलाड़ियों तक अपनी बात पहुंचाने का तरीका भी महत्वपूर्ण होता है।
टेस्ट क्रिकेट में खराब प्रदर्शन के लिए चयनकर्ताओं को जिम्मेदार नहीं मानते जाफर
- भारतीय क्रिकेट में चयन संबंधी फैसलों पर बात करते हुए जाफर ने सफेद गेंद और लाल गेंद के क्रिकेट के प्रदर्शन में अंतर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम उम्मीद के मुताबिक नहीं खेल पाई है।
- जाफर ने कहा, 'हमने सफेद गेंद के क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। लाल गेंद के क्रिकेट में हमारा प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा, लेकिन इसके लिए चयनकर्ताओं को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। यह जिम्मेदारी कोच और कप्तान की होती है। मैदान पर किस टीम को उतारना है, यह उनका फैसला होता है। चयनकर्ता केवल खिलाड़ियों का चयन कर सकते हैं।'
- उन्होंने चयन प्रक्रिया से जुड़े काम को कुल मिलाकर ठीक बताया, लेकिन यह भी कहा कि कुछ साहसी फैसलों से कई खिलाड़ी और प्रशंसक निराश हुए। उनके अनुसार, इन फैसलों को अधिक कूटनीतिक और बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था।
विराट कोहली और रोहित शर्मा
- फोटो : ANI
14 साल के टेस्ट करियर का हुआ था अंत
विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर में भारत के लिए अहम योगदान दिया। 123 टेस्ट मैचों में 9,230 रन और 30 शतक उनके शानदार प्रदर्शन की गवाही देते हैं। जाफर का मानना है कि कोहली जैसे अनुभवी और लोकप्रिय खिलाड़ी के टेस्ट करियर का अंत जिस तरह हुआ, उसे बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक कोहली खुद इस मामले पर अपनी बात नहीं रखते, तब तक संन्यास के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना मुश्किल है।